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500 बीघा धान की फलस जलमग्न 15-25-30

Wed, 05 Aug 2020 10:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 10:36 PM IST
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paddy crop submerged
बिरनो। क्षेत्र के बरही-गुलालसराय माइनर की सफाई न होने से बरही गांव के ताल में किसानों की 500 बीघा धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो रही है। कई बार जिलाधिकारी से लेकर जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज किसानों ने विरोध जताते हुए गांव में प्रदर्शन किया। साथ ही चेताया कि अगर समय रहते समस्या का निस्तारण नहीं किया जाता है तो सड़क पर उतरने के बाध्य होना पड़ेगा।
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अन्नदाताओं को कभी सूखा तो कभी बाढ़ जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ता है, तो कभी अधिकारियों की लापरवाही उनके लिए मुसिबत बन जाती है। इन दिनों बरही गांव के पश्चिमी सिरे पर लगभग 500 बीघे में फैले ताल में धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। वजह गांव के बीचों-बीच ताल के पानी के निकास के लिए निकला माइनर पूरी तरह जाम होने के साथ साथ अतिक्रमण का भी शिकार हो गया है जिसकी वजह से ताल का पानी निकल नहीं पा रहा है। किसान श्यामलाल राजभर, रामकरन यादव, सिरपत यादव, जयप्रकाश यादव, नंदू राजभर, सुदर्शन यादव, रामजन्म यादव, रामश्री यादव, मिंता यादव, सुबच्चन यादव, पूजन यादव, चंद्रिका यादव ने बताया कि ताल के पानी का निकास नहीं होने के चलते फसल डूब चुकी है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस समस्या के तरफ ध्यान नहीं दे रहे है। ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा से कार्य तो कराया गया, लेकिन वो भी आधा अधूरा। जहां जरूरत थी वहां सफाई ही नहीं कराई गई। यही नहीं अतिक्रमण किया जा रहा है। सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कोरोना के चलते सरकार की तरफ से सांसदों की निधि पर दो सालों तक रोक लग चुका है।
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