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Ghazipur News: तय समय पर नहीं हो सका आपरेशन, हंगामा
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 200 बेड पुरुष अस्पताल में लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि सोमवार को मरीजों के हाथ पर समय और इंजेक्शन भी लग चुका था, लेकिन सर्जन ने सर्जरी करने से मना कर दिया।
करीब एक घंटे पर आक्रोशित मरीज हंगामा करने के बाद वापस घर चले गए। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 200 बेड पुरुष अस्पताल में सर्जरी की सुविधा शुरू होने के बाद आपरेशन के लिए मरीजों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई।
स्थिति यह हो चुकी है इसके लिए मरीजों को 15 से 30 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को दिन में 11.10 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजे तक कई मरीजों को आपरेशन के लिए इंजेक्शन लगा दिया गया। यही नहीं, इंजेक्शन लगाने का समय भी मरीजों के हाथों पर लिख दिया गया। लेकिन, दोपहर दो बजे तक आपरेशन नहीं बुलाया गया।
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इसे लेकर लोग जानकारी हासिल करना चाहे तो पता नहीं चल पाया। इसे लेकर मरीज और उनके साथ आए तीमारदार हंगामा करने लगे। अपराह्न साढ़े तीन बजे तक हंगामा करते रहे। इस दौरान उन्हें हटाने के लिए बाउंसर तक बुला लिया गया, लेकिन वे विरोध जताते रहे।
हंगामा कर रहे मरीजों ने बताया कि समय निर्धारित होने के बाद भी स्थिति यह कि आपरेशन का डेट चिकित्सक द्वारा टाल दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि कोई व्यक्ति बिना पर्ची के पहुंचते ही उनका आपरेशन चिकित्सक द्वारा कर दिया जा रहा है, दूसरे को दूसरा डेट डालकर घर भेज दिया जा रहा है।
जबकि करीब छह मरीजों के हाथ पर समय लिख दिया गया था और इंजेक्शन भी लगा दिया गया था, लेकिन सर्जरी के समय सर्जन यह कहकर चले गए कि इमरजेंसी में जाना है। इस तरह स्थिति मरीजों एवं तीमारदारों को मुश्किलों में डाल रही है।
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करीब एक घंटे पर आक्रोशित मरीज हंगामा करने के बाद वापस घर चले गए। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 200 बेड पुरुष अस्पताल में सर्जरी की सुविधा शुरू होने के बाद आपरेशन के लिए मरीजों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई।
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स्थिति यह हो चुकी है इसके लिए मरीजों को 15 से 30 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को दिन में 11.10 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजे तक कई मरीजों को आपरेशन के लिए इंजेक्शन लगा दिया गया। यही नहीं, इंजेक्शन लगाने का समय भी मरीजों के हाथों पर लिख दिया गया। लेकिन, दोपहर दो बजे तक आपरेशन नहीं बुलाया गया।
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इसे लेकर लोग जानकारी हासिल करना चाहे तो पता नहीं चल पाया। इसे लेकर मरीज और उनके साथ आए तीमारदार हंगामा करने लगे। अपराह्न साढ़े तीन बजे तक हंगामा करते रहे। इस दौरान उन्हें हटाने के लिए बाउंसर तक बुला लिया गया, लेकिन वे विरोध जताते रहे।
हंगामा कर रहे मरीजों ने बताया कि समय निर्धारित होने के बाद भी स्थिति यह कि आपरेशन का डेट चिकित्सक द्वारा टाल दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि कोई व्यक्ति बिना पर्ची के पहुंचते ही उनका आपरेशन चिकित्सक द्वारा कर दिया जा रहा है, दूसरे को दूसरा डेट डालकर घर भेज दिया जा रहा है।
जबकि करीब छह मरीजों के हाथ पर समय लिख दिया गया था और इंजेक्शन भी लगा दिया गया था, लेकिन सर्जरी के समय सर्जन यह कहकर चले गए कि इमरजेंसी में जाना है। इस तरह स्थिति मरीजों एवं तीमारदारों को मुश्किलों में डाल रही है।