{"_id":"67e6e536b19ff128c3086944","slug":"opd-doubled-due-to-rising-temperature-ghazipur-news-c-313-svns1023-130212-2025-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: माैसम का पारा चढ़ने से ओपीडी हुई दोगुनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: माैसम का पारा चढ़ने से ओपीडी हुई दोगुनी
विज्ञापन
सुबह से सूर्य की किरणें लोगों को झुलसा रही हैं। बढ़ते तापमान का सीधा असर सेहत पर पड़ने लगा है। इससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ जहां बढ़ती जा रही हैं, वहीं सामान्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी भी दोगुनी हो चुकी है।
उल्टी-दस्त, वायरल बुखार, सांस फूलने की समस्या से अधिसंख्य पीड़ित पहुंच रहे हैं तो आंखें भी लाल हो जा रही हैं। खासकर 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉक्टर भी सतर्क हो गए हैं।
तापमान के बढ़ते आंकड़ों को देखा जाए तो 20 मार्च को जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 22 मार्च को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18, 23 को 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17, 24 को 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 18, 25 को तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16, 26 को 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में दिन ब दिन एक-एक डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ रहा है। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सामान्य दिनों में ओपीडी में मरीजों की संख्या 2000 से 2500 के आसपास रहती है। जबकि इन दिनों यह संख्या 4500 से 5000 पहुंच जा रही है।
प्रतिदिन उल्टी-दस्त के 30 से 40, वायरल बुखार के 25 से 30, सांस फूलने के 10 से 15 और आंख लाल होने संबंधी मरीजों की संख्या 20 से 25 है। ऐसे में सुबह होते ही मरीज उपचार कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच जा रहे हैं और दोपहर होते-होते मरीजों की भीड़ से नवनिर्मित अस्पताल की ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा केंंद्र और पुरुष अस्पताल के जांच केंद्र और वार्ड में भीड़ लग जा रही है।
विज्ञापन
उल्टी-दस्त, वायरल बुखार, सांस फूलने की समस्या से अधिसंख्य पीड़ित पहुंच रहे हैं तो आंखें भी लाल हो जा रही हैं। खासकर 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉक्टर भी सतर्क हो गए हैं।
विज्ञापन
तापमान के बढ़ते आंकड़ों को देखा जाए तो 20 मार्च को जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 22 मार्च को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18, 23 को 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17, 24 को 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 18, 25 को तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16, 26 को 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में दिन ब दिन एक-एक डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ रहा है। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सामान्य दिनों में ओपीडी में मरीजों की संख्या 2000 से 2500 के आसपास रहती है। जबकि इन दिनों यह संख्या 4500 से 5000 पहुंच जा रही है।
प्रतिदिन उल्टी-दस्त के 30 से 40, वायरल बुखार के 25 से 30, सांस फूलने के 10 से 15 और आंख लाल होने संबंधी मरीजों की संख्या 20 से 25 है। ऐसे में सुबह होते ही मरीज उपचार कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच जा रहे हैं और दोपहर होते-होते मरीजों की भीड़ से नवनिर्मित अस्पताल की ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा केंंद्र और पुरुष अस्पताल के जांच केंद्र और वार्ड में भीड़ लग जा रही है।