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गंगा में उफान से तटवर्ती लोगों की धड़कने तेज
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गंगा में उफान से तटवर्ती लोगों की धड़कने तेज
बाढ़ का पानी चढ़ा सड़क पर-गंगा के रूप से लोगों में खौफ
गोमती नदी में बाढ़ से लोग भयभीत, गौरी गांव के पास कटान शुरू
संवाद न्यूज एजेन्सी
भीमापार। उफनाई गंगा में फिर से 3.64 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ की आशंका गहरा गई है। उधर मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से केन और बेतवा आदि नदियां भी उफान पर हैं। जिनका पानी प्रयागराज में यमुना से होकर गंगा में विलीन हो रहा है। क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस कारण तटवर्ती गांवों के लिए अब बाढ़ की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। तटवर्ती गांववासियों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। उधर गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान शुरू हो गया है। गौरी गांव के पास कटान होने से लोग डरे सहमे हुए हैं। कई मकान नदी के मुहाने पर बसे हैं।
बुधवार को सुबह औड़िहार के वराह धाम पर मोक्ष दायिनी गंगा के जल में आदित्य घाट की सारी सीढ़ियां समा चुकी थीं। इससे भी लगभग 12 फुट आगे बढ़कर अपने किनारे पर स्थित शिव मंदिर का निचला सिरा बाढ़ के पानी में समा चुका है। जबकि पटना गांव स्थित रामानंद मठ के पास स्थित शवदाह गृह को गंगा का पानी छूने लगा है। जौहरगंज स्थित शमशान घाट पर शवों को उपरी स्थल पर जलाया जा रहा है। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों में खौफ भरना शुरू कर दिया है। गोमती में आये कटान से गौरी गांव के कुछ मकान नदी के एकदम मुहाने पर आ गए हैं। गोमती में बाढ़ आने का सबसे अधिक खामियाजा तेतारपुर और गौरहट गांवों को होता है। जो तीन तरफ गोमती से घिरे हैं। इन गांवों के लोगों के पास बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता जब बाढ़ में डूब जाता है, इनकी स्थिति असहायों जैसी हो जाती है।
इनसेट...
ठहराव के बाद सुहवल क्षेत्र में उफान पर गंगा:
सुहवल संवाददाता ने बताया कि इलाके में गंगा का जलस्तर पिछले बारह घंटे ठहराव के बाद फिर से रफ्तार पकड़ लिया है। इससे लोगों की चिंताए बढने लगी हैं। गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति दो घंटे की रफ्तार से बढोत्तरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2016 व 2019 में जिस तरह से गंगा ने अपना कहर तटवर्ती व निचले बस्तियों में मनाया था, लोग उसे सोचकर सिहर जा रहे हैं। इसबार एक तरफ कोरोना ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेपटरी किया तो अब गंगा के संभावित कहर को लेकर लोग दहशत में सांस ले रहे हैं। पूर्व में आई बाढ में भगीरथपुर, घाटमपुर, कालूपुर, बहलोलपुर, बवाडा,सुजानपुर, युवराजपुर, पटकनियां, गौरा, अडरिया, सुहवल, बडौरा, पटखौलियां, बहादुरपुर, डारीडीह, बेमुई, रेवतीपुर, नरायनापुर, कल्यानपुर, पकडी, गोपालपुर, नगदीलपुर, दुल्लहपुर, हसनपुरा, बीरऊपुर ,रामपुर साधोपुर,टौंगा, उधरपुर आदि गांव काफी प्रभावित हुए थे।
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बाढ़ का पानी चढ़ा सड़क पर-गंगा के रूप से लोगों में खौफ
गोमती नदी में बाढ़ से लोग भयभीत, गौरी गांव के पास कटान शुरू
संवाद न्यूज एजेन्सी
भीमापार। उफनाई गंगा में फिर से 3.64 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ की आशंका गहरा गई है। उधर मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से केन और बेतवा आदि नदियां भी उफान पर हैं। जिनका पानी प्रयागराज में यमुना से होकर गंगा में विलीन हो रहा है। क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस कारण तटवर्ती गांवों के लिए अब बाढ़ की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। तटवर्ती गांववासियों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। उधर गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान शुरू हो गया है। गौरी गांव के पास कटान होने से लोग डरे सहमे हुए हैं। कई मकान नदी के मुहाने पर बसे हैं।
बुधवार को सुबह औड़िहार के वराह धाम पर मोक्ष दायिनी गंगा के जल में आदित्य घाट की सारी सीढ़ियां समा चुकी थीं। इससे भी लगभग 12 फुट आगे बढ़कर अपने किनारे पर स्थित शिव मंदिर का निचला सिरा बाढ़ के पानी में समा चुका है। जबकि पटना गांव स्थित रामानंद मठ के पास स्थित शवदाह गृह को गंगा का पानी छूने लगा है। जौहरगंज स्थित शमशान घाट पर शवों को उपरी स्थल पर जलाया जा रहा है। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों में खौफ भरना शुरू कर दिया है। गोमती में आये कटान से गौरी गांव के कुछ मकान नदी के एकदम मुहाने पर आ गए हैं। गोमती में बाढ़ आने का सबसे अधिक खामियाजा तेतारपुर और गौरहट गांवों को होता है। जो तीन तरफ गोमती से घिरे हैं। इन गांवों के लोगों के पास बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता जब बाढ़ में डूब जाता है, इनकी स्थिति असहायों जैसी हो जाती है।
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ठहराव के बाद सुहवल क्षेत्र में उफान पर गंगा:
सुहवल संवाददाता ने बताया कि इलाके में गंगा का जलस्तर पिछले बारह घंटे ठहराव के बाद फिर से रफ्तार पकड़ लिया है। इससे लोगों की चिंताए बढने लगी हैं। गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति दो घंटे की रफ्तार से बढोत्तरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2016 व 2019 में जिस तरह से गंगा ने अपना कहर तटवर्ती व निचले बस्तियों में मनाया था, लोग उसे सोचकर सिहर जा रहे हैं। इसबार एक तरफ कोरोना ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेपटरी किया तो अब गंगा के संभावित कहर को लेकर लोग दहशत में सांस ले रहे हैं। पूर्व में आई बाढ में भगीरथपुर, घाटमपुर, कालूपुर, बहलोलपुर, बवाडा,सुजानपुर, युवराजपुर, पटकनियां, गौरा, अडरिया, सुहवल, बडौरा, पटखौलियां, बहादुरपुर, डारीडीह, बेमुई, रेवतीपुर, नरायनापुर, कल्यानपुर, पकडी, गोपालपुर, नगदीलपुर, दुल्लहपुर, हसनपुरा, बीरऊपुर ,रामपुर साधोपुर,टौंगा, उधरपुर आदि गांव काफी प्रभावित हुए थे।
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