गाजीपुर। वीर अब्दुल हमीद सेतु से ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के लिए करीब छह वर्ष पहले दोनों छोर पर हाइटगेज बैरियर लगाया गया था। इसकी निगरानी के पांच साले पहले चार सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे लेकिन इस समय रजागंज की तरफ लगे बैरियर की दाहिने ओर सिर्फ एक कैमरा बचा दिख रहा है। ऐसे में बैरियर के लोहे का एंगल टेढ़ा कर ओवरलोड का खेल जारी है। पुल से रोज बालू लदे 100 से 150 ओवरलोड ट्रेलर तो करीब 700 से अधिक छोटे से बड़े वाहनों का आवागमन जारी है। पांच साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी के कार्यकाल में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस समय जिम्मेदारों की कार्रवाई सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है। सुबह ट्रेलरों की संख्या कम रहती है, लेकिन शाम होते ही दोगुनी हो जाती है। रात से भोर तक बालू लदे ओवरलोड ट्रेलरों का आवागमन बना रहता है। ताड़ीघाट निवासी सुमित सिंह ने बताया कि रात में पुल पार करना इतना आसान नहीं होता है, एक लाइन से ट्रेलर पुल पार करते दिखाई पड़ते हैं।
गंगा सागर यादव ने बताया कि गंगा पर स्थापित हमीद सेतु बिहार और चंदौली के अलावा जनपद के दो प्रमुख तहसील जमानिया और सेवराई को जोड़ती हैं। सेतु को सुरक्षित रखने के लिए करीब छह वर्ष पहले दोनों तरफ हाइटगेज बैरियर लगा था। बैरियर में लगे एंगल की दूरी जमीन से दस फीट रखी गई थी। करीब छह महीने से चौकी की तरफ से ही नहीं सेतु के दूसरी तरफ का एंगल भी एक तरफ से टेढ़ा कर उठा दिया गया है। इससे वाहन आसानी से पार हो जा रहा है। प्रदीप ने बताया कि निगरानी के लिए रजागंज चौकी के पास लगे हाइटगेज बैरियर की दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन मात्र दाहिने तरफ का ही कैमरा बचा है, उससे निगरानी भी होती है या शोपीस बना है भगवान भरोसे ही है। सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि अगर यही स्थिति रही तो सेतु को क्षतिग्रस्त होने से कोई नहीं बचा सकता है।