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रक्सहां में महज 48 फीसदी वोट पड़े
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:39 PM IST
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भदौरा ब्लाक के रक्सहां गांव के 11 बूथों पर शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान हुआ। दूसरे चरण के मतदान के दौरान हुए बवाल के बाद इन बूथों का मतदान निरस्त कर दिया गया था। विवाद की आशंका और चौकसी के चलते कम लोग वोट डालने आए। महज 48 प्रतिशत ही मतदान हुआ।
रक्सहां में दूसरे चरण में मतदान के दौरान मंगलवार को बवाल के बाद से ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। पुनर्मतदान में गड़बड़ी की आशंका के चलते आरोपियों के अलावा संदिग्ध लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही थी।
दहशत और अशंकाओं के बीच गांव के 11 बूथों पर शनिवार को सुबह से ही मतदान शुरू हो गया। मगर बूथों पर कम भीड़ देखने को मिली। पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए थे। मतदान के दौरान एसडीएम जमानिया धीरेंद्र प्रताप,
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सीओ जमानिया अनिल कुमार, सीडीओ अरविंद पांडेय मतदान केंद्र का जायजा लेते रहे। मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में वोटरों के अलावा किसी को फटकने नहीं दिया गया। वोटरों को भी इससे पहले ही हुई बैरिकेडिंग के पास
पहचानपत्र दिखाना पड़ रहा था। उसके बाद ही किसी को जाने की अनुमति दी जा रही थी। शांतिपूर्ण तरीके से रीपोलिंग संपन्न होने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस कड़ाई के चलते घरों से कम लोग ही वोट डालने आए।
दूसरे चरण में वोटिंग के दौरान गांव में फर्जी वोटिंग को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में मारपीट और पथराव हुआ था। इसके बाद लोगों ने मतपत्र फाड़े दिए थे और मतपेटिका लेकर भाग गए थे। जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र
ने 11 बूथों का मतदान निरस्त कर दिया था।
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रक्सहां में दूसरे चरण में मतदान के दौरान मंगलवार को बवाल के बाद से ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। पुनर्मतदान में गड़बड़ी की आशंका के चलते आरोपियों के अलावा संदिग्ध लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही थी।
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दहशत और अशंकाओं के बीच गांव के 11 बूथों पर शनिवार को सुबह से ही मतदान शुरू हो गया। मगर बूथों पर कम भीड़ देखने को मिली। पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए थे। मतदान के दौरान एसडीएम जमानिया धीरेंद्र प्रताप,
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सीओ जमानिया अनिल कुमार, सीडीओ अरविंद पांडेय मतदान केंद्र का जायजा लेते रहे। मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में वोटरों के अलावा किसी को फटकने नहीं दिया गया। वोटरों को भी इससे पहले ही हुई बैरिकेडिंग के पास
पहचानपत्र दिखाना पड़ रहा था। उसके बाद ही किसी को जाने की अनुमति दी जा रही थी। शांतिपूर्ण तरीके से रीपोलिंग संपन्न होने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस कड़ाई के चलते घरों से कम लोग ही वोट डालने आए।
दूसरे चरण में वोटिंग के दौरान गांव में फर्जी वोटिंग को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में मारपीट और पथराव हुआ था। इसके बाद लोगों ने मतपत्र फाड़े दिए थे और मतपेटिका लेकर भाग गए थे। जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र
ने 11 बूथों का मतदान निरस्त कर दिया था।