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एक बार फिर उफनाने लगी गंगा, पांच सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर

Sun, 01 Aug 2021 10:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 10:27 PM IST
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Once again the Ganges started boiling, the water level rising at the speed of five cm per hour
गाजीपुर/सुहवल। जिले में एक बार फिर गंगा उफनाने लगी हैं। पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। घाटों की सीढ़ियां डूबने लगी हैं। ऐसे में बाढ़ की आशंका को लेकर तटवर्ती लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं प्रशासन भी चौकस हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार की सुबह नौ बजे से पांच सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह दस बजे तक 57.350 जलस्तर रिकार्ड किया गया। दिन में दो बजे तक 57.510 एवं शाम चार बजे 57.660 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में उफान को देख जिला प्रशासन ने बाढ़ से राहत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत पैकेट का वितरण ठेकेदार के जरिए कराने का निर्णय किया है। इस दौरान हर समय उन्हें चार हजार राहत पैकेट रिजर्व रखना होगा। राहत पैकेट में कुल सत्रह किस्म का राशन एक हफ्ते के लिए उपलब्ध होगा। वितरण किया जाने वाला एक राहत पैकेट करीब पचास किलो का होगा। पैकेट के दोनों तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो छपा होगा। जिले में कुल 670 बाढ़ प्रभावित गांव हैं। इनमें 357 उच्च स्तर, 113 मध्य स्तर तथा 200 गांव निम्न जलस्तर बाढ़ प्रभावित घोषित हैं। जिला प्रशासन की एक बाढ़ चौकी पर कुल आठ लोग रहेंगे जिनमें एक लेखपाल, पंचायत सेक्रेटरी, एएनएम, आशा, सफाई कर्मी, पशु विभाग के कर्मी, रसोइया तथा ग्राम प्रधान रहेंगे। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बरसात का असर अब जिले में नजर आने लगा है। जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले में चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नुकसान न पहुंचे इसके लिए कार्यदायी संस्था सहित जिला प्रशासन जुट गया है। बाढ़ से प्रभावित तटवर्ती गांव के लोगों को अभी से सुरक्षित जगहों की तलाश में जुटने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संभावित होने वाली जन-धन की क्षति पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके। गंगा किनारे होने वाले कटान आदि को लेकर भी संबंधित को आवश्यक दिशानिर्देश दे दिया गया है। इसके अलावा गोताखोरों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अपरिहार्य परिस्थिति में नुकसान होने से बचा जा सके। जिला प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि जिस तरह से इसमें बढोतरी हो रही है घाटों, नदी के छोर पर न जाएं और न ही नाव पर बैठें।
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राहत पैकेट में रहेगा पर्याप्त सामान
बाढ़ की स्थिति में पीड़ितों को दिए जाने वाले राहत पैकेट में दस किलो आटा, दस किलो चावल, दस किलो आलू, पांच किलो लाई, दो किलो भुना चना, दो किलो अरहर दाल, पांच सौ ग्राम नमक, एक पैकेट माचिस, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम धनिया, पांच लीटर मिट्टी तेल, एक पैकेट मोमबत्ती, दस पैकेट बिस्कुट, एक लीटर रिफाइंड, सौ टेबलेट क्लोरीन तथा दो नहाने का साबुन रहेगा जो एक हफ्ते के लिए है।
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