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बिना पैमाइश एवं बिना मुआवजा दिए कब्जा कर ली गई जमीन
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देवकली। किसानों की बैठक रविवार को कुसुम्ही कला गांव में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के जिलाध्यक्ष अशोक प्रताप त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि आकुशपुर गांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र प्रबंधक/इंचार्ज द्वारा किसानों की जमीन बिना पैमाइश कराए और बिना मुआवजा दिए जबरदस्ती चहारदीवारी उठाकर कब्जा कर लिया गया है। चेताया कि अगर किसानों के ऊपर से मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो इस प्रकरण को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग में भी उठाया जाएगा, जिससे किसानों को उचित न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि आकुशपुर गांव में आराजी नंबर 091 रकवा आठ विस्वा छह धूर जमीन है। जिस पर किसान तारकेश्वर तिवारी, अमर नाथ तिवारी एवं बैजनाथ तिवारी का नाम खतौनी में दर्ज है। विरोध के बावजूद कृषि विज्ञान केंद्र के प्रबंधक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर कब्जा कर लिया है और किसानों को उसका कोई मुआवजा भी नहीं दिया। उल्टा ही किसानों के ऊपर मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि वहां पर कोई मारपीट नहीं हुई। किसान पैमाइश कराकर मुआवजा की मांग कर रहे थे।
उक्त प्रकरण को लेकर किसानों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसडीएम सदर से मिलकर बीते 16 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई। बीते माह आकुशपुर कृषि फार्म पर पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के समक्ष किसानों ने अपनी मांग रखी थी और पत्रक भी दिया था।
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इस पर उन्होंने कहा था कि किसानों की जमीन नहीं ली जाएगी। बावजूद किसानों की जमीन को जबरदस्ती घेर लिया गया। साथ ही फर्जी मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया। अगर किसानों के ऊपर से मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो इस प्रकरण को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग में भी उठाया जाएगा, जिससे किसानों को उचित न्याय मिल सके। बैठक में जिला उपाध्यक्ष कमलेश सिंह यादव, सचिव रूद्रमणि त्रिपाठी एडवोकेट, तारकेश्वर तिवारी, अमर नाथ तिवारी, बैजनाथ तिवारी, शशिकांत तिवारी, नंदन शर्मा आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि आकुशपुर गांव में आराजी नंबर 091 रकवा आठ विस्वा छह धूर जमीन है। जिस पर किसान तारकेश्वर तिवारी, अमर नाथ तिवारी एवं बैजनाथ तिवारी का नाम खतौनी में दर्ज है। विरोध के बावजूद कृषि विज्ञान केंद्र के प्रबंधक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर कब्जा कर लिया है और किसानों को उसका कोई मुआवजा भी नहीं दिया। उल्टा ही किसानों के ऊपर मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि वहां पर कोई मारपीट नहीं हुई। किसान पैमाइश कराकर मुआवजा की मांग कर रहे थे।
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उक्त प्रकरण को लेकर किसानों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसडीएम सदर से मिलकर बीते 16 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई। बीते माह आकुशपुर कृषि फार्म पर पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के समक्ष किसानों ने अपनी मांग रखी थी और पत्रक भी दिया था।
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इस पर उन्होंने कहा था कि किसानों की जमीन नहीं ली जाएगी। बावजूद किसानों की जमीन को जबरदस्ती घेर लिया गया। साथ ही फर्जी मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया। अगर किसानों के ऊपर से मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो इस प्रकरण को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग में भी उठाया जाएगा, जिससे किसानों को उचित न्याय मिल सके। बैठक में जिला उपाध्यक्ष कमलेश सिंह यादव, सचिव रूद्रमणि त्रिपाठी एडवोकेट, तारकेश्वर तिवारी, अमर नाथ तिवारी, बैजनाथ तिवारी, शशिकांत तिवारी, नंदन शर्मा आदि मौजूद थे।