फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Nowhere, some nets buried in the debris are unable to stop the drains

Ghazipur News: कहीं लगी नहीं, कुछ मलबे में दबीं जालियां नहीं रोक पा रही नालियां

Sun, 22 Jan 2023 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jan 2023 11:12 PM IST
विज्ञापन
Nowhere, some nets buried in the debris are unable to stop the drains
गंगा को शहर की गंदगी से बचाने के लिए नालों में जाली लगाने का काम बेमतलब साबित हो रहा है। अभी भी शहर के अधिकांश प्रमुख घाटों के पास से बहने वाले नालों की जाली गंदगी को रोक नहीं पा रहे हैं। कुछ जगहों का हाल यह है कि लोहे की जाली लगी ही नहीं तो कुछ जगहों पर जाली मिट्टी में दब चुकी है। ऐसे में 13 किमी के शहरी प्रवाह क्षेत्र से गंगा में 23 नालों से रोजाना 14 मिलियन लीटर गंदा पानी कूड़ा-कचड़ा समाहित हो रहा है।
विज्ञापन

नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि बरसात से पूर्व शहर के 23 घाटों पर लोहे की जाली लगाने का काम हुआ। कुछ जगहों पर बकायदे 15 से 20 लाख रुपये में निर्माण कर जाली लगाए गए। तो कुछ जगहों पर सिर्फ जाली लगाने का काम हुआ। वहीं शनिवार को शहर के गंगा घाटों की पड़ताल हुई तो पक्का घाट, रामेश्वर घाट (मशहूर घाट) पर निर्माण कार्य तो हुए लेकिन नाले में लोहे की जाली नहीं मिली।
विज्ञापन

रामेश्वर घाट के लोगों का कहना है कि यहां लोहे की जाली लगी ही नहीं। वहीं, पक्का घाट पर लोहे की जाली अब नाले के बगल में मिट्टी में अंदर तक धंसा मिला। ऐसा ही हाल शहर के प्रमुख घाटों में शुमार कलेक्टर घाट पर भी है। वहां निर्माण कराकर जाली तो लगाया गया लेकिन गंदे पानी के साथ कूड़ा-कचड़ा नाले के माध्यम से गंगा में सीधे जा रहे हैं। अवरोध के लिए लगा जाली कारगर नहीं साबित हो पा रहा। वहां साफ-सफाई और नालों के आस-पास काफी गंदगी का अंबार लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में नालों की गंदगी की वजह से कलेक्टर घाट, पक्का घाट और रामेश्वर घाट पर कुछ देर खड़ा भी नहीं हुआ जाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि नपा की ओर से दिखावटी तौर पर कुछ जगहों पर पक्का निर्माण कराया गया, कहीं लोहे की जाली लगी तो कहीं नहीं लगी।
रामगनीना निषाद, कैलाश निषाद समेत अन्य लोगों का कहना है कि नालों पर जाली लगाने और सफाई का काम किसी घाट पर ठीक ढ़ंग से नहीं हुआ। इससे कई तरह की बिमारियों और गंदगी से रोजाना लोगों को झेलना पड़ रहा है।

23 घाटों पर बरसात से पूर्व लोहे की जाली लगाई गई थी। कुछ घाटों पर पक्का निर्माण कराकर जाली लगाई गई। अभी कुछ जगहों पर पक्का निर्माण बाकी है। जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
लालचंद्र सरोज, ईओ नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed