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Ghazipur News: अब सहकारी समितियों पर सस्ते दर पर मिलेंगी दवाएं
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गाजीपुर। किसानों व अन्य लोगों के लिए अच्छी खबर है। उनको अपने गांवों में स्थित सहकारी समितियों से सस्ते दर पर विभिन्न बीमारियों की दवाएं मिल जाएंगी। सस्ती दवाओं को खरीदारी के लिए अब लोगों को अन्यत्र भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है। सस्ती दर पर दवाओं की बिक्री के लिए जिले में सहकारिता विभाग की ओर से आठ सहकारी समितियों का चयन कर लिया गया है।
अब तक सहकारी समितियों से किसानों को खाद व खेती-किसानी के लिए ऋण लेने की सुविधा मिलती है। लेकिन, आने वाले समय में समितियों के कार्य करने का दायरा और अधिक बढ़ने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब इन पर सस्ते दर पर जेनरिक दवाओं की बिक्री की जाएगी। चयनित सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी विभाग कर रहा है। ड्रग लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया में दो महीने तक का वक्त लग सकता है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सहकारी समितियों से दवाओं की बिक्री का रास्ता साफ हो जाएगा। जिले में कुल 154 सक्रिय सहकारी समितियां हैं। प्रथम चरण में फिलहाल आठ समितियों का चयन किया गया है। यदि विभाग का यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले दिनों में अन्य समितियों पर भी दवाओं की बिक्री को लेकर कवायद की जाएगी।
चयनित की गईं समितियों का विवरण : देवचंदपुर,सरसौली,तिवारीपुर,मनिया,परसौनी,अलावलपुर, पीसीएफ जमानिया,गोराबाजार
50 से 90 प्रतिशत तक मिलेगी छूट : प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के जरिए सरकार सस्ते दर पर जेनरिक दवाओं की बिक्री पर जोर दे रही है। इसके तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में समितियों पर भी प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। बाजार में बिकने वाली ब्रांडेड दवाओं की अपेक्षा जेनरिक दवाएं 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं।
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ग्रामीण मरीजों को मिलेगी सुविधा :जनपद में कुल आबादी करीब 40 लाख है। 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। वहीं सहकारी समितियां भी गांवों में हैं। ऐसे में यहां पर जेनरिक दवाओं की बिक्री से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। उनको अपनी बीमारियों के लिए ब्रांडेड दवाएं बाजार से नहीं खरीदनी पड़ेगी। इससे उनका काफी पैसा बचेगा।
जनपद की आठ सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला जाएगा। इन समितियों का चयन कर लिया गया है। ड्रग लाइसेंस जारी होते ही दवाओं की बिक्री का कार्य शुरू हो जाएगा। अंसल कुमार, एआर कोआपरेटिव
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अब तक सहकारी समितियों से किसानों को खाद व खेती-किसानी के लिए ऋण लेने की सुविधा मिलती है। लेकिन, आने वाले समय में समितियों के कार्य करने का दायरा और अधिक बढ़ने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब इन पर सस्ते दर पर जेनरिक दवाओं की बिक्री की जाएगी। चयनित सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी विभाग कर रहा है। ड्रग लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया में दो महीने तक का वक्त लग सकता है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सहकारी समितियों से दवाओं की बिक्री का रास्ता साफ हो जाएगा। जिले में कुल 154 सक्रिय सहकारी समितियां हैं। प्रथम चरण में फिलहाल आठ समितियों का चयन किया गया है। यदि विभाग का यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले दिनों में अन्य समितियों पर भी दवाओं की बिक्री को लेकर कवायद की जाएगी।
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चयनित की गईं समितियों का विवरण : देवचंदपुर,सरसौली,तिवारीपुर,मनिया,परसौनी,अलावलपुर, पीसीएफ जमानिया,गोराबाजार
50 से 90 प्रतिशत तक मिलेगी छूट : प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के जरिए सरकार सस्ते दर पर जेनरिक दवाओं की बिक्री पर जोर दे रही है। इसके तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में समितियों पर भी प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। बाजार में बिकने वाली ब्रांडेड दवाओं की अपेक्षा जेनरिक दवाएं 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं।
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ग्रामीण मरीजों को मिलेगी सुविधा :जनपद में कुल आबादी करीब 40 लाख है। 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। वहीं सहकारी समितियां भी गांवों में हैं। ऐसे में यहां पर जेनरिक दवाओं की बिक्री से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। उनको अपनी बीमारियों के लिए ब्रांडेड दवाएं बाजार से नहीं खरीदनी पड़ेगी। इससे उनका काफी पैसा बचेगा।
जनपद की आठ सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला जाएगा। इन समितियों का चयन कर लिया गया है। ड्रग लाइसेंस जारी होते ही दवाओं की बिक्री का कार्य शुरू हो जाएगा। अंसल कुमार, एआर कोआपरेटिव