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अब बेघरों का होगा अपना आशियाना
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 23 Feb 2015 11:26 PM IST
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सरकार बेघरों को जल्द ही आशियाना मुहैय्या कराने जा रही है। इसके लिए 50-50
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व्यक्तियों की क्षमता के शेल्टर होम का निर्माण कराया जाएगा। बेघर लोग
चिह्नित किए जा चुके हैं। शेल्टर होम निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है।
अगर सब कुछ ठीक रहा तो शहर में तीन शेल्टर होम का निर्माण कराया जाएगा।
आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 12वीं पंचवर्षीय योजना में शहरी गरीबों को आजीविका उपलब्ध कराने और उनके सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) प्रारंभ की गई है। मिशन के उपघटक के रूप में शहरी बेघरों को सम्मान पूर्ण जीवन-यापन के लिए उनके लिए आश्रय की योजना (एसयूएच) प्रारंभ की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी बेघर गरीबों को चरणबद्ध तरीके से बुनियादी सुविधाओं युक्त आश्रय प्रदान करना है।
योजना के अतर्गत शहरी बेघरों के लिए आश्रय सातों दिन, चौबीस घंटे और सभी मौसम के लिए स्थाई रूप से निर्मित किए जाएंगे। प्रत्येक आश्रय 50 से 100 व्यक्तियों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति के लिए कम से कम 50 वर्गफीट का स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। आश्रय-गृह स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप पुरुष, महिला, परिवार एवं विशिष्ट वर्ग के बेघरों के लिए अलग-अलग बनाए जा सकते हैं।
आश्रय के निर्माण की लागत में वित्त-पोषण 75:25 केद्रांश और राज्यांश के आधार पर प्रस्तावित है। मिशन के इस घटक में नए आश्रय निर्माण के साथ-साथ वर्तमान-मौजूदा आश्रय-भवनों की मरम्मत एवं पुनरुद्धार भी किया जा सकता है। योजना के अंतर्गत आश्रय-गृह नगर निकायों की तरफ से स्थापित किए जाएंगे। इनका परिचालन नगर निकाय की ओर से स्वयं या नगर निकाय की तरफ से चिह्नित एजेंसी की ओर से किया जा सकेगा।
योजना का क्रियान्वयन सभी जिला मुख्यालय वाले नगरों एवं अन्य ऐसे नगरों जिनकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार एक लाख से अधिक है, में किया जाएगा। राज्य के 82 शहर इस योजना में चयनित किए गए हैं जिनमें 75 जिला मुख्यालय वाले नगर और 7 अन्य नगर हैं। योजना के अंतर्गत शहर में तीन शेल्टर होम का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। नगर पालिका की तरफ से सर्वे कर बेघरों को चिह्नित किया गया है।
आश्रय प्रबंध समिति होगी गठित
आश्रय-गृह के दिन-प्रतिदिन के कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए वार्ड के पार्षद, सदस्य, निकाय के प्रतिनिधि, आश्रय-गृह के नामित निवासियों की एक आश्रय प्रबंध समिति का गठन किया जाएगा। आश्रय के प्रबंधन, स्वच्छता, अनुशासन आदि की देखभाल के लिए पूर्ण कालिक स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
मनोरंजन स्थल भी होगा
आश्रय-गृह में जलापूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश, रसोई-खाना बनाने का स्थान, स्नानगृह, सामान्य मनोरंजन स्थल, सुरक्षा जैसी बुनियादी सामान्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ बाल परिचर्या सुविधाएं और अन्य सामाजिक सहायता कार्यक्रम भी सुनिश्चित कराए जाएंगे।
आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 12वीं पंचवर्षीय योजना में शहरी गरीबों को आजीविका उपलब्ध कराने और उनके सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) प्रारंभ की गई है। मिशन के उपघटक के रूप में शहरी बेघरों को सम्मान पूर्ण जीवन-यापन के लिए उनके लिए आश्रय की योजना (एसयूएच) प्रारंभ की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी बेघर गरीबों को चरणबद्ध तरीके से बुनियादी सुविधाओं युक्त आश्रय प्रदान करना है।
योजना के अतर्गत शहरी बेघरों के लिए आश्रय सातों दिन, चौबीस घंटे और सभी मौसम के लिए स्थाई रूप से निर्मित किए जाएंगे। प्रत्येक आश्रय 50 से 100 व्यक्तियों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति के लिए कम से कम 50 वर्गफीट का स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। आश्रय-गृह स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप पुरुष, महिला, परिवार एवं विशिष्ट वर्ग के बेघरों के लिए अलग-अलग बनाए जा सकते हैं।
आश्रय के निर्माण की लागत में वित्त-पोषण 75:25 केद्रांश और राज्यांश के आधार पर प्रस्तावित है। मिशन के इस घटक में नए आश्रय निर्माण के साथ-साथ वर्तमान-मौजूदा आश्रय-भवनों की मरम्मत एवं पुनरुद्धार भी किया जा सकता है। योजना के अंतर्गत आश्रय-गृह नगर निकायों की तरफ से स्थापित किए जाएंगे। इनका परिचालन नगर निकाय की ओर से स्वयं या नगर निकाय की तरफ से चिह्नित एजेंसी की ओर से किया जा सकेगा।
योजना का क्रियान्वयन सभी जिला मुख्यालय वाले नगरों एवं अन्य ऐसे नगरों जिनकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार एक लाख से अधिक है, में किया जाएगा। राज्य के 82 शहर इस योजना में चयनित किए गए हैं जिनमें 75 जिला मुख्यालय वाले नगर और 7 अन्य नगर हैं। योजना के अंतर्गत शहर में तीन शेल्टर होम का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। नगर पालिका की तरफ से सर्वे कर बेघरों को चिह्नित किया गया है।
आश्रय प्रबंध समिति होगी गठित
आश्रय-गृह के दिन-प्रतिदिन के कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए वार्ड के पार्षद, सदस्य, निकाय के प्रतिनिधि, आश्रय-गृह के नामित निवासियों की एक आश्रय प्रबंध समिति का गठन किया जाएगा। आश्रय के प्रबंधन, स्वच्छता, अनुशासन आदि की देखभाल के लिए पूर्ण कालिक स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
मनोरंजन स्थल भी होगा
आश्रय-गृह में जलापूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश, रसोई-खाना बनाने का स्थान, स्नानगृह, सामान्य मनोरंजन स्थल, सुरक्षा जैसी बुनियादी सामान्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ बाल परिचर्या सुविधाएं और अन्य सामाजिक सहायता कार्यक्रम भी सुनिश्चित कराए जाएंगे।