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खेल के माध्यम से अब नौनिहालों को प्रारंभिक शिक्षा भी दी जाएगी
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गाजीपुर में आंगनबाड़ी केंद्रों में अब नौनिहालों को पोषण के लिए आहार तो दिया ही जाएगा साथ ही उन्हें खेल के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा भी दी जाएगी। जिले के आंगनबाड़ी केंद्र अब प्ले ग्रुप स्कूल की तर्ज पर संचालित होंगे। बच्चे ने कौन-कौन सी गतिविधियां सीखी और उसका कितना विकास हुआ इसका रिकार्ड भी केंद्रों पर रखा जाएगा।
जिले के सभी सोलह विकासखंडों में वर्तमान में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। केंद्रों पर खेल और खुराक के जरिए बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने का खास ख्याल रखा जाएगा। यही नहीं केंद्र पर साफ-सफाई, पेयजल की समुचित व्यवस्था होगी। प्रत्येक आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चे का रिकार्ड शिशु विकास कार्ड के माध्यम से रखा जाएगा। बच्चों की गतिविधियों की मासिक समीक्षा भी की जाएगी। इस समीक्षा में तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा कि जो बच्चे पोषण आहार लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं उनका शारीरिक के साथ ही साथ मानसिक एवं सर्वांगीण विकास भी हो सके।
इसकी मानीटरिंग होने के साथ ही मासिक विकास प्रतिवेदन भी तैयार किया जाएगा। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले ग्रुप चलाने को लेकर शासन की तैयारी है। तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को परिषदीय स्कूल से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित प्ले ग्रुप में ही भेजा जाएगा।
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जिले के सभी सोलह विकासखंडों में वर्तमान में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। केंद्रों पर खेल और खुराक के जरिए बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने का खास ख्याल रखा जाएगा। यही नहीं केंद्र पर साफ-सफाई, पेयजल की समुचित व्यवस्था होगी। प्रत्येक आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चे का रिकार्ड शिशु विकास कार्ड के माध्यम से रखा जाएगा। बच्चों की गतिविधियों की मासिक समीक्षा भी की जाएगी। इस समीक्षा में तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा कि जो बच्चे पोषण आहार लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं उनका शारीरिक के साथ ही साथ मानसिक एवं सर्वांगीण विकास भी हो सके।
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इसकी मानीटरिंग होने के साथ ही मासिक विकास प्रतिवेदन भी तैयार किया जाएगा। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले ग्रुप चलाने को लेकर शासन की तैयारी है। तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को परिषदीय स्कूल से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित प्ले ग्रुप में ही भेजा जाएगा।
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