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रामवृक्ष के प्रति नहीं दिखी कोई सहानुभूति
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:37 AM IST
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मथुरा कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की मौत के बाद भी उसके पैतृक गांव रायपुर-बाघपुर के लोगों ने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई, बल्कि उसके कृत्य की निंदा ही की। यही वजह है कि उसके साथी ही नहीं, उसके पट्टीदार भी अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं गए। पुलिस ने शव की शिनाख्त करने तथा अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव के लोगों से जाने की अपील की थी, लेकिन गांव के लोगों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें रामवृक्ष से कोई लेना-देना नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि भोला-भाला दिखने वाला रामवृक्ष जयगुरु देव का शिष्य था। वह आध्यात्मिक कार्यों में रुचि रखने के साथ ही समाज सेवा भी करता था। उस समय लोग उसके प्रति सहानुभूति रखते थे, लेकिन दो वर्ष पूर्व रामवृक्ष जब गांव आया था, तो उसके साथ लग्जरी गाड़ियों का काफिला तथा दो दर्जन से अधिक निजी सुरक्षा कर्मी थे।
वह किसी बाहुबली से कम नहीं लग रहा था। उसके चलने और बोलने का अंदाज भी बदल चुका था। उस समय उसने गांव के कुछ ही लोगों से बात की थी। उसी समय से ग्रामीण उससे दूरी बनाने लगे थे। लोगों ने उसके कृत्य की निंदा की और उसकी मौत पर अफसोस तक नहीं जताया। मालूम हो कि डीजीपी जावीद अहमद ने शनिवार को मथुरा के जवाहर बाग पर अवैध कब्जा जमाने वाले कथित सत्याग्रहियों के नेता रामवृक्ष यादव के मारे जाने की पुष्टि की थी। डीजीपी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि जवाहर बाग से बरामद किया गया एक शव रामवृक्ष यादव का है। उसके संगठन के सहयोगितयों ने इसकी पुष्टि भी की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि भोला-भाला दिखने वाला रामवृक्ष जयगुरु देव का शिष्य था। वह आध्यात्मिक कार्यों में रुचि रखने के साथ ही समाज सेवा भी करता था। उस समय लोग उसके प्रति सहानुभूति रखते थे, लेकिन दो वर्ष पूर्व रामवृक्ष जब गांव आया था, तो उसके साथ लग्जरी गाड़ियों का काफिला तथा दो दर्जन से अधिक निजी सुरक्षा कर्मी थे।
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वह किसी बाहुबली से कम नहीं लग रहा था। उसके चलने और बोलने का अंदाज भी बदल चुका था। उस समय उसने गांव के कुछ ही लोगों से बात की थी। उसी समय से ग्रामीण उससे दूरी बनाने लगे थे। लोगों ने उसके कृत्य की निंदा की और उसकी मौत पर अफसोस तक नहीं जताया। मालूम हो कि डीजीपी जावीद अहमद ने शनिवार को मथुरा के जवाहर बाग पर अवैध कब्जा जमाने वाले कथित सत्याग्रहियों के नेता रामवृक्ष यादव के मारे जाने की पुष्टि की थी। डीजीपी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि जवाहर बाग से बरामद किया गया एक शव रामवृक्ष यादव का है। उसके संगठन के सहयोगितयों ने इसकी पुष्टि भी की है।
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