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तय मानकों पर एक भी स्कू ल नहीं है पास, कैसे करें बेहतरी की आस
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भीमापार। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की तरह परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प योजना चलाई जा रही है। इसके तहत उन्नीस पैरामीटर पर कार्य कराए जा रहे हैं। महीनों बीत जाने के बाद भी सादात विकासखंड के अधिकांश विद्यालयों का कायाकल्प नहीं हो सका है। हालत यह है कि एक भी विद्यालय निर्धारित पैरामीटर पर पूरा नहीं हो सका है।
शिक्षा क्षेत्र सादात में 100 प्राथमिक, 24 उच्च प्राथमिक और 22 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। कायाकल्प योजना के तहत 14वें वित्त बजट से 19 बिंदुओं पर बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के समन्वय से कार्य पूरा होना था। इसके बावजूद अभी तक क्षेत्र के ज्यादातर विद्यालयों की सूरत नहीं बदल सकी है। काफी प्रयास करने के बाद भी बड़ी संख्या में विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण, फर्नीचर, टाइल्स लगाने का कार्य, दिव्यांग शौचालय का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 103 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण हो चुका है जबकि 43 में यह कार्य अपूर्ण है। इसी तरह 127 में दिव्यांग शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि 19 शौचालय का निर्माण अभी किया जा रहा है। 109 विद्यालयों की कक्षा में टाइल्स लगा दिया गया है वहीं 37 विद्यालय में अभी तक नहीं लगा है। शिक्षा क्षेत्र सादात के 99 प्रतिशत विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवाश, शुद्ध सुरक्षित पेयजल, बालक-बालिका शौचालय, विद्युत संयोजन, सबमर्सिबल पंप, विद्यालय की रंगाई-पुताई आदि कई कार्य ब्लॉक के लगभग हर विद्यालय पर जारी हैं।
इनसेट
बालक-बालिका शौचालय नहीं
भीमापार। ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय मखदूमपुर केवल एक विद्यालय ऐसा है जहां पर आज भी बालक-बालिका शौचालय नहीं है। इसके चलते आज भी बच्चों को खुले में शौच करने जाना पड़ता है। इस कारण अध्यापक-अध्यापिकाओं को भी परेशानी महसूस हो रही है।
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जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में निर्धारित तिथि तक कार्य पूरा कराने के लिए खंड विकास अधिकारी सादात के साथ समन्वय स्थापित कर शेष सभी कार्य को पूर्ण करा लिया जाएगा।
- सुरेंद्रनाथ प्रजापति, खंड शिक्षा अधिकारी, सादात
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शिक्षा क्षेत्र सादात में 100 प्राथमिक, 24 उच्च प्राथमिक और 22 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। कायाकल्प योजना के तहत 14वें वित्त बजट से 19 बिंदुओं पर बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के समन्वय से कार्य पूरा होना था। इसके बावजूद अभी तक क्षेत्र के ज्यादातर विद्यालयों की सूरत नहीं बदल सकी है। काफी प्रयास करने के बाद भी बड़ी संख्या में विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण, फर्नीचर, टाइल्स लगाने का कार्य, दिव्यांग शौचालय का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 103 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण हो चुका है जबकि 43 में यह कार्य अपूर्ण है। इसी तरह 127 में दिव्यांग शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि 19 शौचालय का निर्माण अभी किया जा रहा है। 109 विद्यालयों की कक्षा में टाइल्स लगा दिया गया है वहीं 37 विद्यालय में अभी तक नहीं लगा है। शिक्षा क्षेत्र सादात के 99 प्रतिशत विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवाश, शुद्ध सुरक्षित पेयजल, बालक-बालिका शौचालय, विद्युत संयोजन, सबमर्सिबल पंप, विद्यालय की रंगाई-पुताई आदि कई कार्य ब्लॉक के लगभग हर विद्यालय पर जारी हैं।
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बालक-बालिका शौचालय नहीं
भीमापार। ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय मखदूमपुर केवल एक विद्यालय ऐसा है जहां पर आज भी बालक-बालिका शौचालय नहीं है। इसके चलते आज भी बच्चों को खुले में शौच करने जाना पड़ता है। इस कारण अध्यापक-अध्यापिकाओं को भी परेशानी महसूस हो रही है।
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जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में निर्धारित तिथि तक कार्य पूरा कराने के लिए खंड विकास अधिकारी सादात के साथ समन्वय स्थापित कर शेष सभी कार्य को पूर्ण करा लिया जाएगा।
- सुरेंद्रनाथ प्रजापति, खंड शिक्षा अधिकारी, सादात