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कोरोना से गर्भवती को घबराने की जरूरत नहीं
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ग़ाजीपुर।कोरोना वायरस से गर्भवती या गर्भ में पल रहे बच्चे को किसी भी तरह के खतरेके पुख्ता प्रमाण अब तक नहीं हैं। इसलिए उनको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं हैफिर भी जरूरी सावधानी अवश्य बरतनी चाहिए। हर मां का सपना होता है कि उसके घर-आंगन मेंस्वस्थ बच्चे की किलकारी गूंजे। उसके इस सपने को पूरा करने को लेकर स्वास्थ्यविभाग प्रसव पूर्व जांच और सुरक्षित प्रसव की सारी सेवाएं मुहैया कराने को पूरीतरह तत्पर है। एसीएमओ डॉ. केके वर्मा ने बताया की इसके साथ ही गर्भवती को इस बारे में जागरूक करने के लिए पंपलेट-पोस्टर और प्रचार-प्रसार के अन्य साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रसव को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने के लिए गर्भवती अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता और एएनएम के बराबर संपर्क में रहें। उनकी ओर से दी जाने वाली आयरन फोलिक एसिड की 180 और कैल्शियम की 360 गोलियों का सेवन अवश्य करें। अगर गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव होना, खून की कमी यानि कमजोरी या थकान महसूस होना, बुखार आना, पेड़ू में दर्द या योनि से बदबूदार पानी आना, उच्च रक्तचाप यानि अत्यधिक सिरदर्द, झटके आना या दौरे पड़ना और गर्भ में पल रहे शिशु का कम घूमना जैसे खतरे के लक्षण नजर आएं तो 102 एंबुलेंस की मदद से स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला महिला अस्पताल जाकर जांच अवश्य कराएं। इसके अलावा गर्भावस्था के छह महीने पूरे होने या उसके बाद रक्त जांच, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांच कराने के लिए भी 102 एम्बुलेंस की मदद ली जा सकती है। अगर कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं तोप्रसव के लिए पहले की तरह 102 एम्बुलेंस को कॉल करें। एसीएमओ डॉ. वर्मा ने बताया की गर्भवती में अगर कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण जैसे-सर्दी, खांसी, बुखार या सांस फूलने की शिकायत नजर आए तो प्रसव के लिएअस्पताल जाने में 108 एंबुलेंस का ही इस्तेमाल करें।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रसव को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने के लिए गर्भवती अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता और एएनएम के बराबर संपर्क में रहें। उनकी ओर से दी जाने वाली आयरन फोलिक एसिड की 180 और कैल्शियम की 360 गोलियों का सेवन अवश्य करें। अगर गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव होना, खून की कमी यानि कमजोरी या थकान महसूस होना, बुखार आना, पेड़ू में दर्द या योनि से बदबूदार पानी आना, उच्च रक्तचाप यानि अत्यधिक सिरदर्द, झटके आना या दौरे पड़ना और गर्भ में पल रहे शिशु का कम घूमना जैसे खतरे के लक्षण नजर आएं तो 102 एंबुलेंस की मदद से स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला महिला अस्पताल जाकर जांच अवश्य कराएं। इसके अलावा गर्भावस्था के छह महीने पूरे होने या उसके बाद रक्त जांच, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांच कराने के लिए भी 102 एम्बुलेंस की मदद ली जा सकती है। अगर कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं तोप्रसव के लिए पहले की तरह 102 एम्बुलेंस को कॉल करें। एसीएमओ डॉ. वर्मा ने बताया की गर्भवती में अगर कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण जैसे-सर्दी, खांसी, बुखार या सांस फूलने की शिकायत नजर आए तो प्रसव के लिएअस्पताल जाने में 108 एंबुलेंस का ही इस्तेमाल करें।
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