मौधा। खानपुर, मौधा, नायकडीह, उचौरी सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध न होने से किसानों में मायूसी है। वर्तमान में खरीफ की फसलों की बोआई चल रही है। खाद न होने का असर खास तौर पर धान की रोपनी पर पड़ रहा है।
खाद की कमी से किसान परेशान हैं। डीएपी को लेकर प्रशासन के दावे भी खोखले नजर आ रहे हैं। एक तरफ सहकारी समितियाें पर खाद नहीं है तो दूसरी तरफ बाजार में दुकानदार किसानों से मनमानी करने पर तुले हैं। खानपुर सहकारी समिति पर ताला लटका देखकर किसान मायूस हो जाते हैं। खानपुर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति से गौरी, रामपुर, सिधौना, खानपुर और बेलहरी आदि पांच न्याय पंचायत के लगभग पांच दर्जन ग्राम सभाओं के किसानों को खाद और बीज का वितरण होता है। धान की फसल लगाने का सीजन शुरू हो गया है और खानपुर समिति के दरवाजे पर महीनों से ताला लटक रहा है। किसान समिति का चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी उन्हें कहीं से सकारात्मक जवाब नहीं मिल पा रहा है। उधर, निजी दुकानदार भी खाद की कमी को भुनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। वे महंगे दाम पर खाद बेचकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। क्षेत्र में डीएपी का संकट बरकरार है। अनौनी, मौधा, खानपुर, बिहारीगंज, ऊंचौरी, पोखरा आदि बाजारों में मनमानी कीमत पर खाद बेची जा रही है। खानपुर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव रामधनी ने बताया कि उनकी समिति पर जल्द ही डीएपी के अलावा अन्य खाद उपलब्ध हो जाएगी।