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नई शिक्षा नीति में ड्राप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधार से जोड़ने का लक्ष्य
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गाजीपुर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को आनलाइन वेबिनार कार्यशाला के माध्यम से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी देेेेने और प्रचार-प्रसार का क्रम लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को नान एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की आनलाइन कार्यशाला दोनों सत्रों में राजकीय सिटी इंटर कालेज के सभागार में आयोजित की गई। इसमें नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्राविधानों पर बिंदुवार उल्लेख कर जानकारी प्रदान की गई। अंतिम सत्र में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने कहा कि देेश में दो करोड़ बच्चे ड्राप आउट हैं। इन बच्चों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षा की मुुुुख्यधार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक स्तर पर भी अब करके सीखने, प्रयोग द्वारा सीखने और आनंद के साथ सीखने की गतिविधियों पर इस शिक्षा नीति में विशेष बल दिया गया है। पांच से छह किमी की परिधि में आने वाले माध्यमिक विद्यालयों के लिए स्कूल कांफ्रेंस सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था से छात्र आपस में केयरिंग, शेेेयरिंग और साल्विंग कर सकेंगे। उन्होंने आज की कार्यशाला में नान एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के आनलाइन जुुुुड़ने की कम संख्या पर नाराजगी जताई। कहा कि बृहस्पतिवार को पितृ विसर्जन के अवसर पर कार्यशाला बंद रहेेेेगी। उसके अगले दिन शुक्रवार को कार्यशाला शुुुुरू होगी। उसमें प्रत्येक सत्र में अधिकतम सौ प्रधानाचार्य जुड़कर प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। राजकीय हाईस्कूल सौरी के प्रधानाचार्य रामअवतार यादव ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की जानकारी दी। सहायक अध्यापक कृपाशंकर तिवारी ने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के प्राविधानों की प्रारंभिक जानकारी प्रदान की। राजकीय सिटी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य हरेंद्र कुमार ने नई शिक्षा नीति के संबंध में तकनीक शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख किया। शिक्षक अविनाश कुमार ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
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उन्होंने कहा कि माध्यमिक स्तर पर भी अब करके सीखने, प्रयोग द्वारा सीखने और आनंद के साथ सीखने की गतिविधियों पर इस शिक्षा नीति में विशेष बल दिया गया है। पांच से छह किमी की परिधि में आने वाले माध्यमिक विद्यालयों के लिए स्कूल कांफ्रेंस सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था से छात्र आपस में केयरिंग, शेेेयरिंग और साल्विंग कर सकेंगे। उन्होंने आज की कार्यशाला में नान एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के आनलाइन जुुुुड़ने की कम संख्या पर नाराजगी जताई। कहा कि बृहस्पतिवार को पितृ विसर्जन के अवसर पर कार्यशाला बंद रहेेेेगी। उसके अगले दिन शुक्रवार को कार्यशाला शुुुुरू होगी। उसमें प्रत्येक सत्र में अधिकतम सौ प्रधानाचार्य जुड़कर प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। राजकीय हाईस्कूल सौरी के प्रधानाचार्य रामअवतार यादव ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की जानकारी दी। सहायक अध्यापक कृपाशंकर तिवारी ने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के प्राविधानों की प्रारंभिक जानकारी प्रदान की। राजकीय सिटी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य हरेंद्र कुमार ने नई शिक्षा नीति के संबंध में तकनीक शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख किया। शिक्षक अविनाश कुमार ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
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