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लोकतंत्र के सजग प्रहरी थे नेताजी : रामधारी
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सपा के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव की जयंती पर लोहिया भवन स्थित पार्टी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें लोकतंत्र का सजग प्रहरी बताया और कहा कि वह आजीवन लोकतंत्र की रक्षा के लिए कृत संकल्प थे। लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डा. लोहिया के बाद वह समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे।
नेता जी के रोटी कपड़ा सस्ती होगी दवा पढ़ाई मुफ्त होगी, नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब उनकी राजनीति के केंद्र में थे। उनके न रहने से आज देश के गरीबों, शोषितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज पूरी तरह से खामोश हो गई है। आज पार्टी का कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि इस देश का गरीब, पिछड़ा, शोषित, दलित और अल्पसंख्यक अपने को अनाथ महसूस कर रहा है। वह सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के प्रबल पक्षधर और सशक्त पैरोकार थे।
गाजीपुर जनपद से उनके लगाव के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने भाषणों में अक्सर जिक्र करते थे कि सैफई हमारी जन्मभूमि है लेकिन गाजीपुर हमारा दिल है। वह संबंधों के धनी थे, संबंध निभाने में उनका कोई जोड़ नहीं था। इसके लिए वे कभी कभी दलीय सीमाओं को भी तोड़ देते थे। उन्होंने कहा कि उनका कृतित्व वर्षों वर्षों तक याद किया जाएगा। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर गरीबों की सेवा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, डा. नन्हकू यादव, राजेश कुशवाहा, अशोक बिंद, रविंद्र यादव, निजामुद्दीन खां, दिनेश यादव, गोपाल आदि उपस्थित रहे। इस श्रद्धांजलि सभा और गोष्ठी का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।
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नेता जी के रोटी कपड़ा सस्ती होगी दवा पढ़ाई मुफ्त होगी, नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब उनकी राजनीति के केंद्र में थे। उनके न रहने से आज देश के गरीबों, शोषितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज पूरी तरह से खामोश हो गई है। आज पार्टी का कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि इस देश का गरीब, पिछड़ा, शोषित, दलित और अल्पसंख्यक अपने को अनाथ महसूस कर रहा है। वह सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के प्रबल पक्षधर और सशक्त पैरोकार थे।
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गाजीपुर जनपद से उनके लगाव के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने भाषणों में अक्सर जिक्र करते थे कि सैफई हमारी जन्मभूमि है लेकिन गाजीपुर हमारा दिल है। वह संबंधों के धनी थे, संबंध निभाने में उनका कोई जोड़ नहीं था। इसके लिए वे कभी कभी दलीय सीमाओं को भी तोड़ देते थे। उन्होंने कहा कि उनका कृतित्व वर्षों वर्षों तक याद किया जाएगा। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर गरीबों की सेवा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, डा. नन्हकू यादव, राजेश कुशवाहा, अशोक बिंद, रविंद्र यादव, निजामुद्दीन खां, दिनेश यादव, गोपाल आदि उपस्थित रहे। इस श्रद्धांजलि सभा और गोष्ठी का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।