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उफ! ये परेशानी न समिति पर खाद न रजवाहे पर पूरी क्षमता से पानी
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सुहवल में धान के सीजन में ताड़ीघाट रजवाहे में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने से किसान काफी परेशान हैं। जिससे किसानों को धान की नर्सरी डालने के लिए डीजल चलित इंजन का सहारा लेना पड़ रहा है। जो काफी महंगा पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने से अभी टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण किसानों के खेतों तक नहर का पानी पहुंचने में समस्या हो रही है।
किसानों की मांग है कि पानी को पूरी क्षमता से छोड़ी जाए जिससे टेल तक पहुंच सके और किसानों को धान की नर्सरी डालने में सहूलियत हो सके। बता दें कि जमानिया के चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से दर्जनों गांव से होते हुए उधरनपुर टेल तक जाती है। ये पूरा क्षेत्र धान बेल्ट है। जिससे हजारों किसान नर्सरी डालने को लेकर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इनके पास डीजल चलित इंजन ही सहारा है। जो काफी महंगा पड़ रहा है। हर साल इस क्षेत्र में करीब चार हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई की जाती है।
किसानों का कहना है कि रजवाहे की सफाई के नाम पर विभाग भी कोरमपूर्ति करता है। ऐसे में कूड़ा-कचरा से मुख्य नहर व रजवाहा भरा पड़ा हुआ है। जो भी बड़ी समस्या है। वहीं, विभाग की मानें तो किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। जरूरत के मुताबिक रोस्टर के हिसाब से रजवाहा में पानी छोड़ा जाता है। इस संबंध में अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि पानी छोड़ दिया गया है। जरूरत के मुताबिक और पानी छोड़ा जाएगा।
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समिति पर खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाई
जमानिया। समितियों पर खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। इससे किसानों को खाद पाने के लिए लगातार समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है। सस्ती दर की खाद न मिल पाने के कारण किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम पर डीएपी डाई खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
तहसील क्षेत्र के सहकारी समिति एवं साधन सहकारी समिति से सैकड़ों किसान जुड़े हुए हैं। यहीं से संबंधित किसानों को डीएपी यूरिया डाई आदि की आपूर्ति होती है। इन दिनों समितियों से डीएपी यूरिया डाई खाद नदारद है। ऐसे में किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बघरी और तियरी के किसान ब्लॉक परिसर में चक्कर काट रहे हैं और खाद न मिलने से नाराजगी भी व्यक्त कर रहे हैं। किसान राजेंद्र मुकेश धनंजय कृष्णानंद आदि का कहना है कि समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है जिस कारण परेशानी हो रही है। इस संबंध में बघरी समिति के सचिव संदीप ने बताया कि डाई केे लिए एक माह पूर्व डिमांड भेजा गया है और लगातार मांग की जा रही है लेकिन खाद नहीं भेजी जा रही है। इस कारण से किसान परेशान हैं।
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किसानों की मांग है कि पानी को पूरी क्षमता से छोड़ी जाए जिससे टेल तक पहुंच सके और किसानों को धान की नर्सरी डालने में सहूलियत हो सके। बता दें कि जमानिया के चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से दर्जनों गांव से होते हुए उधरनपुर टेल तक जाती है। ये पूरा क्षेत्र धान बेल्ट है। जिससे हजारों किसान नर्सरी डालने को लेकर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इनके पास डीजल चलित इंजन ही सहारा है। जो काफी महंगा पड़ रहा है। हर साल इस क्षेत्र में करीब चार हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई की जाती है।
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किसानों का कहना है कि रजवाहे की सफाई के नाम पर विभाग भी कोरमपूर्ति करता है। ऐसे में कूड़ा-कचरा से मुख्य नहर व रजवाहा भरा पड़ा हुआ है। जो भी बड़ी समस्या है। वहीं, विभाग की मानें तो किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। जरूरत के मुताबिक रोस्टर के हिसाब से रजवाहा में पानी छोड़ा जाता है। इस संबंध में अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि पानी छोड़ दिया गया है। जरूरत के मुताबिक और पानी छोड़ा जाएगा।
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समिति पर खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाई
जमानिया। समितियों पर खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। इससे किसानों को खाद पाने के लिए लगातार समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है। सस्ती दर की खाद न मिल पाने के कारण किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम पर डीएपी डाई खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
तहसील क्षेत्र के सहकारी समिति एवं साधन सहकारी समिति से सैकड़ों किसान जुड़े हुए हैं। यहीं से संबंधित किसानों को डीएपी यूरिया डाई आदि की आपूर्ति होती है। इन दिनों समितियों से डीएपी यूरिया डाई खाद नदारद है। ऐसे में किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बघरी और तियरी के किसान ब्लॉक परिसर में चक्कर काट रहे हैं और खाद न मिलने से नाराजगी भी व्यक्त कर रहे हैं। किसान राजेंद्र मुकेश धनंजय कृष्णानंद आदि का कहना है कि समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है जिस कारण परेशानी हो रही है। इस संबंध में बघरी समिति के सचिव संदीप ने बताया कि डाई केे लिए एक माह पूर्व डिमांड भेजा गया है और लगातार मांग की जा रही है लेकिन खाद नहीं भेजी जा रही है। इस कारण से किसान परेशान हैं।