फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Mukhtar Ansari's son applied for father's protection, Tribhuvan Singh appeared

मुख्तार अंसारी के पुत्र ने पिता की सुरक्षा के लिए दी अर्जी, त्रिभुवन सिंह हुए पेश

Thu, 09 Jun 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jun 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Mukhtar Ansari's son applied for father's protection, Tribhuvan Singh appeared
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद कोतवाली के उसरी चट्टी हत्याकांड में अभियोजन की तरफ से गवाही नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को गवाहों ने गवाही दर्ज करने के लिए एवं अपने जान का खतरा होने के संबंध में अर्जी दी। वहीं मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने बांदा जेल में निरुद्ध पिता की सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए अर्जी दी जिस पर न्यायालय ने आदेश सुरक्षित करते हुए अगली तिथि 21 जून नियत किया है। आरोपी बृजेश सिंह जेल से नहीं आ सके, इसकी सूचना जेल द्वारा भेजी गई थी। वहीं त्रिभुवन सिंह मिर्जापुर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय पेश हुए।
विज्ञापन

मालूम हो कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने घर से निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे कि उसरी चट्टी पर एक ट्रक खड़ा कर उसमें बैठे हमलावरों ने 12. 30 बजे दोपहर में उनके काफिले पर स्वचालित हथियारों से फायरिंग किया। अख्तर अंसारी केे गनर नेे बचाव में फायरिंग शुरू किया है। एक हमलावर को गोली लगी है और वह घायल होकर गिर पड़ा। हमलावरों की गोली से मुख्तार अंसारी के गनर की मौके पर मौत हो गई। साथ ही मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थीं। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना उपरांत पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया, जिसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई। अदालत में रमेश राम सहित तीन गवाह उपस्थित हुए। उन्होंने गवाही दर्ज करने एवं सुरक्षा की गुहार लगाते हुए अर्जी दी। वहीं मुख्तार अंसारी के पुत्र ने कहा कि जेल में निरुद्ध पिता मुख्तार अंसारी से जेल में स्थित पीसीओ और जेल के टेलीफोन से बात होती है। बातचीत के दौरान पिता द्वारा बताया गया कि जेल के बैरक में वहां के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित एसओजी टीम के सदस्य हथियारों से लैस होकर जाने का प्रयास किए। जेल प्रशासन द्वारा हथियार ले जाने से रोका गया, इसके बावजूद भी जबरदस्ती बैरक में घुस गए। पुत्र ने अर्जी में कहा कि खाने में जहर मिलाकर जान मारने का खतरा है। जेल में सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के लिए आदेश पारित करने की प्रार्थना की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed