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Ghazipur News: गांव गोद लेने के लिए प्रस्ताव का इंतजार कर रहे सांसद
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गाजीपुर। सपा सांसद अफजाल अंसारी इस बार अभी तक सांसद आदर्श गांव के तहत एक भी गांव को गोद नहीं लिए हैं। वह प्रशासन की ओर से प्रस्ताव मांगने का इंतजार कर रहे हैं। यही स्थिति प्रशासन की भी है, जो शासन से इस संबंध में पत्र आने की इंतजार कर रहा है।
सांसद अफजाल अंसारी पिछले कार्यकाल में पांच गांव को गोद लेने का प्रस्ताव दिए थे। कार्यकाल के दौरान प्रत्येक वर्ष एक गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराना था। इनमें जखनिया ब्लाॅक से रेहटी मालीपुर. सैदपुर ब्लाॅक से गोपालपुर, भदौरा से बारा, देवकली से नारी पचदेवरा और सदर क्षेत्र से अंधऊ शामिल था। हालांकि विलंब होने और जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अंधऊ गांव को सांसद गोद नहीं ले पाए थे।
गोद लिए गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया था लेकिन इसके लिए अलग से कोई बजट नहीं था। हालांकि विभागीय अधिकारी ग्राम पंचायत के बजट से काम कराने का दावा करते हुए संबंधित ग्राम पंचायत को संतृप्त करने की बात कह रहे हैं। लेकिन, गांव में जाने पर स्थिति उलट ही नजर आती है। अब इस बार भी सांसद बनने के बाद अभी तक एक भी गांव गोद नहीं लिए हैं।
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सांसद आदर्श गांव के रूप में चार गांवों का चयन हुआ। योजना के तहत अलग से कोई बजट नहीं आता है, फिर भी ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए गए। अभी शासन ने नये गांव गोद लेने के संबंध में कोई पत्र नहीं आया है। पत्र आने पर प्रस्ताव मांगा जाएगा। - राजेश यादव, पीडी डीआरडीए
यह प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के लागू होने पर खूब प्रचार-प्रसार हुआ। लोगों को सपने दिखाए गए लेकिन योजना के तहत कोई बजट का प्रावधान नहीं किया गया। विकास कार्य कागज पर ही दिखते हैं। हालांकि अभी तक नये गांव को गोद लेने के लिए प्रस्ताव ही नहीं मांगा गया है। यदि प्रस्ताव मांगा जाएगा तो मैं जरूर गांव को गोद लूंगा। - अफजाल अंसारी, सांसद
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सांसद अफजाल अंसारी पिछले कार्यकाल में पांच गांव को गोद लेने का प्रस्ताव दिए थे। कार्यकाल के दौरान प्रत्येक वर्ष एक गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराना था। इनमें जखनिया ब्लाॅक से रेहटी मालीपुर. सैदपुर ब्लाॅक से गोपालपुर, भदौरा से बारा, देवकली से नारी पचदेवरा और सदर क्षेत्र से अंधऊ शामिल था। हालांकि विलंब होने और जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अंधऊ गांव को सांसद गोद नहीं ले पाए थे।
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गोद लिए गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया था लेकिन इसके लिए अलग से कोई बजट नहीं था। हालांकि विभागीय अधिकारी ग्राम पंचायत के बजट से काम कराने का दावा करते हुए संबंधित ग्राम पंचायत को संतृप्त करने की बात कह रहे हैं। लेकिन, गांव में जाने पर स्थिति उलट ही नजर आती है। अब इस बार भी सांसद बनने के बाद अभी तक एक भी गांव गोद नहीं लिए हैं।
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सांसद आदर्श गांव के रूप में चार गांवों का चयन हुआ। योजना के तहत अलग से कोई बजट नहीं आता है, फिर भी ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए गए। अभी शासन ने नये गांव गोद लेने के संबंध में कोई पत्र नहीं आया है। पत्र आने पर प्रस्ताव मांगा जाएगा। - राजेश यादव, पीडी डीआरडीए
यह प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के लागू होने पर खूब प्रचार-प्रसार हुआ। लोगों को सपने दिखाए गए लेकिन योजना के तहत कोई बजट का प्रावधान नहीं किया गया। विकास कार्य कागज पर ही दिखते हैं। हालांकि अभी तक नये गांव को गोद लेने के लिए प्रस्ताव ही नहीं मांगा गया है। यदि प्रस्ताव मांगा जाएगा तो मैं जरूर गांव को गोद लूंगा। - अफजाल अंसारी, सांसद