फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Money not raised even cremate body of history-sheeter in ghazipur strangers performed Funeral

UP: हिस्ट्रीशीटर का शव जलाने तक का नहीं जुटा पैसा, गैरों ने किया अंतिम संस्कार; हत्या का था आरोप

Sun, 20 Apr 2025 11:00 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 20 Apr 2025 11:00 AM IST
सार

हिस्ट्रीशीटर के कई खिलाफ संगीन मामले में रपट दर्ज थी। एक दिन पहले उसने शराब के नशे में खुदकुशी कर ली। उसके भाई ने पुलिस से इस बात की तस्दीक की। गरीबी झेल रहे परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे मृतक का अंतिम संस्कार करवा पाएं। समाजसेवी ने यह काम करवाया।

विज्ञापन
Money not raised even cremate body of history-sheeter in ghazipur strangers performed Funeral
हिस्ट्रीशीटर की लाश का अंतिम संस्कार करवाते समाजसेवी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रुपये और शौक पूरे करने लिए अपराध करने वाले सैदपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर और हत्यारोपी की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार करने को कोई तैयार नहीं था। अलग रहने वाले भाई भी गरीब के शव घर ले जाने और वहां से अंतिम संस्कार करने तक की स्थिति में नहीं थे। हालांकि, इसकी खबर लावारिश शवों को जलाने वाले समाजसेवी को हुई तो वह आगे आएं और शव का अंतिम संस्कार किए। 

विज्ञापन




सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के चकिया नेवादा गांव निवासी सिकंदर सिंह (35) पांच भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर का था। सबसे बड़े भाई, इकलौती बहन की पहले ही मौत हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक, वह सैदपुर थाने का हिस्टीशीटर था। उसपर हत्या तक का आरोप था। लेकिन शराब की लत थी और शादी भी नहीं हुई थी।
विज्ञापन


उसके सभी भाई अलग-अलग रहते हैं और गरीबी का दंश झेल रहे हैं। सिकंदर ने शुक्रवार को नशे की हालत में ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी। मृतक के भाई दीपू सिंह ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसका भाई शराबी था। लूढीपुर ग्राम के पास औड़िहार मऊ रेल ट्रैक पर सिकंदर ने नशे में ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद देर रात परिजनों को सुपुर्द कर दिया, लेकिन उनके पास शव का अंतिम संस्कार करने तक का पैसा था। ऐसे में इसकी जानकारी समाजसेवी कुंवर वीरेंद्र को हुई, जिसने पुलिस और मृतक के परिजनों की मदद से शव को गाजीपुर स्थित श्मशान घाट लेकर गए। जहां मृतक का अंतिम संस्कार किया।


सैदपुर कोतवाल योगेंद्र सिंह ने बताया कि वह थाने का हिस्ट्रीशीटर था। वहीं, समाजसेवी कुंवर वीरेंद्र ने बताया कि शव के अंतिम संस्कार के लिए परिवार के पास पैसे नहीं थे। वह पोस्टमार्टम हाउस से शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की स्थिति में भी नहीं थे। जानकारी होने पर वह गए और शव को प्राइवेट एंबुलेंस से अति प्राचीन श्मशानघाट लाए और अंतिम संस्कार किए। इस कार्य में उनके सहयोगी कृष्ण कुमार बॉसफोर, जमुना राजभर रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed