{"_id":"5880f7d44f1c1b4216efe2ef","slug":"minimum-facilities-available-booths","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यूनतम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं बूथों पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यूनतम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं बूथों पर
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
निर्वाचन आयोग ने मतदान बूथों पर न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके संबंधित विभाग सुविधाओं को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहा हैं। जिससे काफी समय बीत जाने के बाद भी दर्जनों बूथों पर पेयजल, बिजली, शौचालय एवं रैंप जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।
विधानसभा चुनाव जिले में सातवें एवं अंतिम चरण में आठ मार्च को होगा। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के साथ ही मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने पर आयोग का विशेष जोर है। इसी के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की तरफ से प्रत्येक मतदेय स्थल पर न्यूनतम सुविधाएं पीने का पानी, छाया के लिए टेंट, शौचालय, शारीरिक रूप से नि:शक्त मतदाताओं के लिए रैंप, वोटिंग कंपार्टमेंट आदि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, लेकिन संबंधित विभागों के उदासीन रवैए के चलते बूथों पर ये सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के 2591 बूथों में से 2463 पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध हैै जबकि 128 बूथों पर पानी का संकट है। इसी तरह 2393 बूथों पर शौचालय की समस्या है जबकि 198 पर शौचालय नहीं है। 2368 में फर्नीचर उपलब्ध है एवं 223 में नहीं है। इसके अलावा 268 बूथ पर रैंप, 1379 में बिजली, 1291 में शेड नहीं है।
विधानसभा चुनाव जिले में सातवें एवं अंतिम चरण में आठ मार्च को होगा। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के साथ ही मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने पर आयोग का विशेष जोर है। इसी के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की तरफ से प्रत्येक मतदेय स्थल पर न्यूनतम सुविधाएं पीने का पानी, छाया के लिए टेंट, शौचालय, शारीरिक रूप से नि:शक्त मतदाताओं के लिए रैंप, वोटिंग कंपार्टमेंट आदि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, लेकिन संबंधित विभागों के उदासीन रवैए के चलते बूथों पर ये सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के 2591 बूथों में से 2463 पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध हैै जबकि 128 बूथों पर पानी का संकट है। इसी तरह 2393 बूथों पर शौचालय की समस्या है जबकि 198 पर शौचालय नहीं है। 2368 में फर्नीचर उपलब्ध है एवं 223 में नहीं है। इसके अलावा 268 बूथ पर रैंप, 1379 में बिजली, 1291 में शेड नहीं है।
विज्ञापन