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Ghazipur News: स्कूलों में दोपहर 12ः30 बजे तक नहीं बना था मिड डे मील, क्लासरूम में मिली बाइक
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जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के मेन्यू का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्कूलों में बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। कहीं बच्चों को देर से भोजन परोसा जा रहा है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने कंपोजिट विद्यालय आराजी कस्बास्वाद, प्राथमिक विद्यालय खडहरा, प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी, उच्च प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी, प्राथमिक विद्यालय अठहठा की पड़ताल की। इन विद्यालयों में दोपहर 12.30 बजे तक मिड डे मील नहीं बन पाया था।
कुछ विद्यालयों में मेन्यू को दरकिनार कर रोजी-सब्जी और खिचड़ी पकाई जा रही थी। एक स्कूल में खुले में खाना बनाया जा रहा था। वहीं एक स्कूल में कक्षा में बाइक खड़ी मिली।
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प्राथमिक विद्यालय हमीदपुर शिव मंदिर में दोपहर 12 बजे तक मध्याह्न भोजन तैयार नहीं था। विद्यार्थी इधर-उधर घूमते नजर आए। विद्यालय में प्रधानाध्यापक राजेश राम उपस्थित थे, लेकिन भोजन तैयार न होने की स्थिति में बच्चों की देखरेख की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। स्कूल में 12:15 बजे दाल बनाई जा रही थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय दरौली में भोजन तो समय पर परोसा गया, लेकिन रोस्टर के अनुसार भोजन तैयार नहीं किया गया था। निर्धारित मेनू के विपरीत यहां चावल-दाल बनाया गया था। क्लास में मोटरसाइकिल खड़ी थी। वहीं, एक कमरे में कुछ बच्चियां लूडो खेल रही थीं। प्राथमिक विद्यालय दरौली में 12 बजे भोजन मंत्रोच्चार के साथ भोजन परोसा गया। इसके अलावा,विद्यालय में कक्षा 1 और कक्षा 2 के कक्षों पर ताले लटके हुए थे।
प्रधानाध्यापिका सत्या देवी ने बताया कि अध्यापकों की कमी है। इस वजह से समायोजित कर कक्षाएं चलाई जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय चकसदर में 12:20 बजे खुले आसमान के नीचे भोजन बनाया जा रहा था।
भोजन में आलू गोभी मटर की रसेदार सब्जी तथा रोटी बनी थी। प्रधानाध्यापक संजय सिंह यादव ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व दो अतिरिक्त कक्ष, भोजनालय और स्टोर रुम जर्जर हो जाने के कारण ध्वस्त करा दिया गया था। मजबूरी में भोजन खुले आसमान के नीचे भोजन बनवाना पड़ रहा है।
कंपोजिट विद्यालय आराजी कस्बास्वाद में आलू गोभी टमाटर की रसेदार सब्जी बन चुकी थी, रोटी बनाई जा रही थी। प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी में खिचड़ी बनाई गई थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी में चावल सब्जी परोसा गया। प्राथमिक विद्यालय अठहठा में खिचड़ी परोसी गई।
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बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने कंपोजिट विद्यालय आराजी कस्बास्वाद, प्राथमिक विद्यालय खडहरा, प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी, उच्च प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी, प्राथमिक विद्यालय अठहठा की पड़ताल की। इन विद्यालयों में दोपहर 12.30 बजे तक मिड डे मील नहीं बन पाया था।
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कुछ विद्यालयों में मेन्यू को दरकिनार कर रोजी-सब्जी और खिचड़ी पकाई जा रही थी। एक स्कूल में खुले में खाना बनाया जा रहा था। वहीं एक स्कूल में कक्षा में बाइक खड़ी मिली।
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प्राथमिक विद्यालय हमीदपुर शिव मंदिर में दोपहर 12 बजे तक मध्याह्न भोजन तैयार नहीं था। विद्यार्थी इधर-उधर घूमते नजर आए। विद्यालय में प्रधानाध्यापक राजेश राम उपस्थित थे, लेकिन भोजन तैयार न होने की स्थिति में बच्चों की देखरेख की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। स्कूल में 12:15 बजे दाल बनाई जा रही थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय दरौली में भोजन तो समय पर परोसा गया, लेकिन रोस्टर के अनुसार भोजन तैयार नहीं किया गया था। निर्धारित मेनू के विपरीत यहां चावल-दाल बनाया गया था। क्लास में मोटरसाइकिल खड़ी थी। वहीं, एक कमरे में कुछ बच्चियां लूडो खेल रही थीं। प्राथमिक विद्यालय दरौली में 12 बजे भोजन मंत्रोच्चार के साथ भोजन परोसा गया। इसके अलावा,विद्यालय में कक्षा 1 और कक्षा 2 के कक्षों पर ताले लटके हुए थे।
प्रधानाध्यापिका सत्या देवी ने बताया कि अध्यापकों की कमी है। इस वजह से समायोजित कर कक्षाएं चलाई जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय चकसदर में 12:20 बजे खुले आसमान के नीचे भोजन बनाया जा रहा था।
भोजन में आलू गोभी मटर की रसेदार सब्जी तथा रोटी बनी थी। प्रधानाध्यापक संजय सिंह यादव ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व दो अतिरिक्त कक्ष, भोजनालय और स्टोर रुम जर्जर हो जाने के कारण ध्वस्त करा दिया गया था। मजबूरी में भोजन खुले आसमान के नीचे भोजन बनवाना पड़ रहा है।
कंपोजिट विद्यालय आराजी कस्बास्वाद में आलू गोभी टमाटर की रसेदार सब्जी बन चुकी थी, रोटी बनाई जा रही थी। प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी में खिचड़ी बनाई गई थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय अफलेपुर महुवारी में चावल सब्जी परोसा गया। प्राथमिक विद्यालय अठहठा में खिचड़ी परोसी गई।