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दोपहर 1:20 बजे ही मेदनीपुर पीएचसी पर मिला ताला, पहेतिया में 11 बजे तक नहीं आए थे डॉक्टर
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सुबह 10.20 बजे पहेतियां न्यूपीएचसी पर खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
गाजीपुर। प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना में शामिल मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले का सफल संचालन निर्धारित न्यू पीएचसी पर नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि पहेतिया न्यू पीएचसी चिकित्सक 11 बजे तक नहीं पहुंचे तो मेदनीपुर पीएचसी पर दोपहर 1.20 बजे ही ताला लटक गया था।
कहीं सामान्य दवाइयों से काम चला रहा है तो कहीं एलटी के न होने से जांच ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में दो किमी दूरी तो कोई घर से अस्पताल तक चक्कर लगाकर डॉक्टर के आने का इंतजार करता दिखाई पड़ा। सुहवल क्षेत्र बवाड़े निवासी सुमित सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। जन आरोग्य मेले में शायद ही समय से चिकित्सक पहुंचते हैं। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक मेले के संचालन का निर्देश है, लेकिन दोपहर होते ही ताला बंदकर स्वास्थ्य कर्मी निकल जाते हैं। भिक्कीचौरा निवासी यतेंद्र यादव ने बताया कि बीते सप्ताह भी रविवार को न्यू पीएचसी मेदनीपुर में आयोजित जन आरोग्य मेले में पहुंचा था, लेकिन दोपहर एक बजे ताला बंद हो गया। दोपहर 1.20 बजे मेदनीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, लेकिन ताला बंद था। पूछने पर पता चला कि मेला समाप्त हो गया है। अलावलपुर निवासी सुरेश यादव ने बताया कि डेढ़ किमी की दूरी तय कर पहेतिया न्यू पीएचसी पर सुबह 10 बजे पहुंच गया था। स्थिति यह थी कि सुबह 10.20 बजे तक डॉक्टर ही नहीं आए थे।
यहीं नहीं 10.30 बजे तक पर्ची कटवाने के लिए इधर-उधर टहलता रही, लेकिन कोई नहीं मिला। पूछने पर पता चला कि यहां तैनात डॉक्टर मऊ से आते हैं, सुबह 10.45 बजे तक डॉक्टर नहीं आए तो घर वापस चला गया। जबकि अन्य पीएचसी गहमर, धर्मागतपुर, नंदगंज, दुबिहा, बरतर में डॉक्टर मरीजों का उपचार करते दिखाई पड़े। यहां जांच की व्यवस्था ठीक न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ा।
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कहीं सामान्य दवाइयों से काम चला रहा है तो कहीं एलटी के न होने से जांच ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में दो किमी दूरी तो कोई घर से अस्पताल तक चक्कर लगाकर डॉक्टर के आने का इंतजार करता दिखाई पड़ा। सुहवल क्षेत्र बवाड़े निवासी सुमित सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। जन आरोग्य मेले में शायद ही समय से चिकित्सक पहुंचते हैं। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक मेले के संचालन का निर्देश है, लेकिन दोपहर होते ही ताला बंदकर स्वास्थ्य कर्मी निकल जाते हैं। भिक्कीचौरा निवासी यतेंद्र यादव ने बताया कि बीते सप्ताह भी रविवार को न्यू पीएचसी मेदनीपुर में आयोजित जन आरोग्य मेले में पहुंचा था, लेकिन दोपहर एक बजे ताला बंद हो गया। दोपहर 1.20 बजे मेदनीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, लेकिन ताला बंद था। पूछने पर पता चला कि मेला समाप्त हो गया है। अलावलपुर निवासी सुरेश यादव ने बताया कि डेढ़ किमी की दूरी तय कर पहेतिया न्यू पीएचसी पर सुबह 10 बजे पहुंच गया था। स्थिति यह थी कि सुबह 10.20 बजे तक डॉक्टर ही नहीं आए थे।
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यहीं नहीं 10.30 बजे तक पर्ची कटवाने के लिए इधर-उधर टहलता रही, लेकिन कोई नहीं मिला। पूछने पर पता चला कि यहां तैनात डॉक्टर मऊ से आते हैं, सुबह 10.45 बजे तक डॉक्टर नहीं आए तो घर वापस चला गया। जबकि अन्य पीएचसी गहमर, धर्मागतपुर, नंदगंज, दुबिहा, बरतर में डॉक्टर मरीजों का उपचार करते दिखाई पड़े। यहां जांच की व्यवस्था ठीक न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ा।
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