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न्याय दिलाने के लिए भाकपा माले ने निकाला मार्च
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 26 Mar 2015 11:19 PM IST
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ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम के बैनर तले विभिन्न वामपंथी लोकतांत्रिक संगठनों ने गुरुवार को भाकपा माले कार्यालय से मार्च निकाला। विभिन्न रास्तों से होते हुए माले कार्यकर्ताओं ने सरजू पांडेय पार्क पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान वे हाशिमपुर को न्याय दो, राज्य का सांप्रदायीकरण बंद करो के नारे लगाते रहे।
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इस अवसर पर भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी के सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि हाशिमपुर कांड में पुलिस हिरासत में 42 लोगों का नरसंहार और 27 साल बाद आए फैसला ने सभी शासक वर्गीय पार्टियों को बेपर्दा कर दिया है। पूरे देश में मुस्लिम विरोधी माहौल बनाया जा रहा है।
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कहा कि भूमि श्रम कानूनों में बदलाव एवं बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य में भारी कटौती इसी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ देशव्यापी प्रतिवाद ने मोदी सरकार को पीछे हटने को मजबूर किया है। भाकपा के पूर्व जिलामंत्री राव विरेंद्र ने हाशिमपुर के लोगों को न्याय देने, दोषी पीएसी को कड़ी सजा देने और पूरे मामले की जांच की मांग की। जितेंद्रनाथ घोष ने कहा कि यह फैसला चौकाने वाला है।
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सगीर अहमद ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की धज्जियां उड़ा रही हैं। इस मौके पर माले नेता विजयबहादुर सिंह, डा. इकबाल अंसारी, नसीरुद्दीन, कामलाकर राम, मनोज कुशवाहा, मिलन राव, डा. रणवीर सिंह, हरिवंशी राम ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता डा. सलाउद्दीन खां और संचालन योगेंद्र भारती ने किया। अंत में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।