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आक्सीजन के अभाव में टूट गई कई मरीजों की सांसों की डोर

Sat, 24 Apr 2021 07:22 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 07:22 PM IST
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Many patients break the breath due to lack of oxygen
गाजीपुर। जिला अस्पताल में इन दिनों ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की सांसों की डोर टूट रही है। वार्डों में भर्ती मरीज भगवान भरोसे पड़े हुए हैं और बेबस तीमारदार जान बचाने की गुहार लगाते फिर रहे हैं। असहाय एवं लाचार आंखों के सामने ही अपनों को तड़पता देख ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए तीमारदार बिलख रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं हैं। जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता का दावा करने वाले अस्पताल के डाक्टरों द्वारा बाहर से दवा मंगाया जा रहा है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिला प्रशासन पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर होने का दावा कर रहा है वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारी अधिकारी सीएमओ अपनी लाचारी का रोना रोकर किसी तरह पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
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सांस फूलने एवं सीने में संक्रमण के दौरान हालत गंभीर होने पर लोग किसी तरह मरीज को लेकर जिला अस्पताल के आपातकक्ष में तो पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा है। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर ऑक्सीजन भी नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह पर्चा बनाकर उन्हें महिला, सर्जिकल, मेडिकल जैसे विभिन्न वार्डो में भर्ती कर दिया जा रहा है। इसके बाद रात भर मरीज बेड पर जीवन को बचाने के लिए जद्दोजहद कर ऑक्सीजन सिलेंडर के अभाव में तड़प रहे हैं। सिलेंडर मिलने की आस में जहां परिवार के सदस्य कभी अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर तो कभी बाहर महंगे दाम देकर उपलब्ध कराने की मिन्नत कर रहे हैं वहीं कोरोना संक्रमण की वजह से मरीज की सांस थम जा रही है। इस दुर्व्यवस्था के बीच अस्पताल प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है और आमजन अपने मरीजों को लेकर इधर-उधर भटकने को विवश है।
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रात में नहीं उठ रहा फोन, इंतजाम से किनारा
गाजीपुर। कोरोना की दूसरी लहर ने जिस तरह से जिले को अपने चपेट में लिया है उससे स्वास्थ्य विभाग की सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो चुकी है। स्थिति यह है कि रात से लेकर सुबह सात बजे तक किसी भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का फोन नहीं उठ रहा है। किसी तरह सीएमओ का फोन उठ भी रहा है तो सीएमएस को जिम्मेदार बताकर इंतजाम से किनारा कस ले रहे हैं। वहीं ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों का फोन भी नहीं उठा रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल उपचार के लिए पहुंच रहे मरीज और उनके परिजन के सामने विकट समस्या खड़ी हो जा रही है।
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चंदौली से ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं आने का दे रहे हवाला
गाजीपुर। जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था का दावा करने वाले स्वास्थ्य विभाग की दिन पर दिन पोल खुलती नजर आ रही है। चंदौली से ऑक्सीजन सिलेंडर आने का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन अब तक पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में आक्सीजन के अभाव में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
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ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने से पिता की हो गई मौत
जखनिया के अलीपुर मदरा गांव निवासी मुहम्मद नजाऊद्दीन ने बताया कि उनके पिता जलील (55) का ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था। आरोप है कि सुबह उपचार के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में लेकर आए, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई। इस बेबसी एवं लाचारी को कोई भी सुनने वाला नहीं है।
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ऑक्सीजन के लिए गुहार सुनने वाला कोई नहीं
नगसर निवासी कौशलाधीश राय ने बताया कि उनके पुत्र धर्मेंद्र राय का ऑक्सीजन लेवल लगातार कम हो रहा है। वह आक्सीजन सिलेंडर के लिए बीते 23 अप्रैल से ही स्वास्थ्य कर्मियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। उनकी इस बेबसी और लाचारी की अस्पताल प्रशासन द्वारा अनदेखी की जा रही है।

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चंदौली से आक्सीजन का वाहन आने वाला था, लेकिन अब तक नहीं आया। प्रयास किया जा रहा है की मरीजों को आक्सीजन की व्यवस्था कराई जाए - डा. जीसी मौर्या, सीएमओ
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जिले में ऑक्सीजन की व्यवस्था है। जरूरतमंद मरीजों को डाक्टरों की ओर से ऑक्सीजन की व्यवस्था की जा रही है- एमपी सिंह, जिलाधिकारी
(फोटो भी)
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