{"_id":"6a5fd04dd181ae88c60fb142","slug":"mangoes-become-expensive-as-the-season-ends-chausa-is-priced-at-rs-100-and-langra-at-rs-120-per-kg-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-156445-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: सीजन ढलते ही महंगा हुआ आम, चौसा 100 तो लंगड़ा 120 रुपये प्रति किलो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: सीजन ढलते ही महंगा हुआ आम, चौसा 100 तो लंगड़ा 120 रुपये प्रति किलो
विज्ञापन
गहमर गांव में ठेले पर सजे आम। संवाद
गहमर। आम का सीजन अंतिम दौर में पहुंचते ही बाजार में इसकी मिठास महंगी हो गई है। आवक घटने और मांग बरकरार रहने से प्रमुख किस्मों के दाम में 30 से 70 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो गई है। चौसा 100 रुपये और लंगड़ा 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि 29 जुलाई को आषाढ़ी के चलते मांग और बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों में अभी और उछाल आ सकता है।
फल कारोबारी शंकर चौहान ने बताया कि मंडी में आम की आवक लगातार कम हो रही है, जबकि खरीदारों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। फुटकर बाजार में चौसा और लंगड़ा सबसे अधिक मांग में हैं।
फल विक्रेता बसंतू के अनुसार, कुछ दिनों पहले तक 50 रुपये किलो बिकने वाला चौसा अब 100 रुपये और लंगड़ा 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। तोतापरी 80 रुपये, दशहरी 80 रुपये, फजली 70 रुपये और सफेदा 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
विज्ञापन
दुकानदार परवेज भाई ने बताया कि आषाढ़ी पर आम की मांग हर साल बढ़ जाती है। ऐसे में यदि मंडियों में आवक नहीं बढ़ी तो अगले कुछ दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
विज्ञापन
फल कारोबारी शंकर चौहान ने बताया कि मंडी में आम की आवक लगातार कम हो रही है, जबकि खरीदारों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। फुटकर बाजार में चौसा और लंगड़ा सबसे अधिक मांग में हैं।
विज्ञापन
फल विक्रेता बसंतू के अनुसार, कुछ दिनों पहले तक 50 रुपये किलो बिकने वाला चौसा अब 100 रुपये और लंगड़ा 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। तोतापरी 80 रुपये, दशहरी 80 रुपये, फजली 70 रुपये और सफेदा 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
विज्ञापन
दुकानदार परवेज भाई ने बताया कि आषाढ़ी पर आम की मांग हर साल बढ़ जाती है। ऐसे में यदि मंडियों में आवक नहीं बढ़ी तो अगले कुछ दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।