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माले ने निकाली किसान-मजदूर संदेश यात्रा
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किसान-मजदूर संदेश यात्रा की शुरुआत की। वक्ताओं ने सालभर तक चले किसान आंदोलन को इतिहास बताया।
पार्टी के जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि इतिहास के महत्वपूर्ण सवाल सड़कों पर जनसंघर्षों में ही हल होते हैं। कोविड महामारी की आड़ में मोदी सरकार ने संसद में तीन काले कृषि कानूनों को पास करवा लिया। इनके जरिए खेती को बड़ी प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने की कोशिश की लेकिन किसानों ने आंदोलन को पूरे एक वर्ष चलाकर इतिहास रच दिया। किसान आंदोलन पर लगातार हमलों और बदनाम करने की तमाम कोशिशों के बावजूद किसान डटे रहे। आखिर सरकार ने कानून वापस लिए।
इस अवसर पर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष नंदकिशोर बिंद, भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, इंनौस के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा, योगेंद्र भारती, मिलन कुमार, राजेश वनवासी, सत्येंद्र कुमार, राजेश एकलव्य, एकराम, त्रिलोकी कुशवाहा ने विचार रखे।
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पार्टी के जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि इतिहास के महत्वपूर्ण सवाल सड़कों पर जनसंघर्षों में ही हल होते हैं। कोविड महामारी की आड़ में मोदी सरकार ने संसद में तीन काले कृषि कानूनों को पास करवा लिया। इनके जरिए खेती को बड़ी प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने की कोशिश की लेकिन किसानों ने आंदोलन को पूरे एक वर्ष चलाकर इतिहास रच दिया। किसान आंदोलन पर लगातार हमलों और बदनाम करने की तमाम कोशिशों के बावजूद किसान डटे रहे। आखिर सरकार ने कानून वापस लिए।
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इस अवसर पर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष नंदकिशोर बिंद, भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, इंनौस के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा, योगेंद्र भारती, मिलन कुमार, राजेश वनवासी, सत्येंद्र कुमार, राजेश एकलव्य, एकराम, त्रिलोकी कुशवाहा ने विचार रखे।
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