फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Sawan 2023 ghazipur Makhdumpur famous sweet Anarasa Wow what taste

Sawan: सावन की रिमझिम संग में मखदुमपुर का अनरसा...वाह क्या कहने! चावल के आटे से बनती है यह मिठाई

Mon, 24 Jul 2023 10:30 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 24 Jul 2023 10:30 AM IST
सार

पहले बरसात की दिनों में अनरसा ही प्रमुख मिठाई था। तीज-त्योहारों पर लोग अपने रिश्तेदारों के यहां अनरसा ही भेजते थे। इसमें गाजीपुर जिले के मखदुमपुर का अनरसा तो सबसे लजीज माना जाता था। चावल के आटे से बनने वाली यह मिठाई बरसात के दिनों में खराब नहीं होती थी ।

विज्ञापन
Sawan 2023 ghazipur Makhdumpur famous sweet Anarasa Wow what taste
अनरसा मिठाई बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनरसा बारिश के मौसम की प्रमुख मिठाई है। गाजीपुर जिले के मखदुमपुर का अनरसा कभी पूरे पूर्वांचल में मशहूर था। लेकिन पिछले कुछ समय से अब इसकी मांग कम हो गई है। दरअसल बदलते दौर में अनरसा के तलबगार कम हो गए हैं। जब मिठाई की ही पूछ नहीं रही, तो मखदुमपुर का अनरसा भी कितने दिनों तक अपनी साख बचाए रखता।

विज्ञापन


पहले बरसात की दिनों में अनरसा ही प्रमुख मिठाई था। तीज-त्योहारों पर लोग अपने रिश्तेदारों के यहां अनरसा ही भेजते थे। इसमें मखदुमपुर का अनरसा तो सबसे लजीज माना जाता था। चावल के आटे से बनने वाली यह मिठाई बरसात के दिनों में खराब नहीं होती थी ।लेकिन समय के साथ-साथ खानपान का तरीका भी बदल गया। तो अब अनरसा की मांग भी कम हो गई है।

विज्ञापन

कई जिलों में जाता था मखदूमपुर का अनरसा

पहले मखदूमपुर बाजार में दस से 15 परिवार इसे बनाते थे। चावल का आटा, सफेद तिल, शक्कर-गुड़ और घी-रिफाइन से तैयार की गई यह मिठाई बनाने में परिवार के चार से पांच सदस्य लगते थे। सुबह होते ही बड़ी-बड़ी टोकरियों में लादकर व्यापारी गाड़ी से जौनपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मऊ, चिरैयाकोट तक जाते थे। मगर खोवे और छेने की मिठाइयों ने इस पारंपरिक मिठाई को ढकेल दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

मांग कम हुई तो मखदुमपुर में अनरसा बनाने वाले भी इस मिठाई के निर्माण से अलग होते गए। इस समय मात्र चार से पांच परिवार ही अनरसा बनाने के व्यवसाय में लगे हुए हैं। मखदुमपुर बाजार में अनरसा व्यवसायी योगेश गुप्ता ने बताया कि यह हम लोगों का पुश्तैनी व्यवसाय हैं। वर्षों पहले जितनी बिक्री होती थी, वर्तमान में उसकी आधी बिक्री भी नहीं हो पाती। चावल के दाम में वृद्धि हुई है, लेकिन अनरसा का भाव पुराना ही है। अनरसा की कीमत 100 रुपये प्रति किलो है। मगर गुड़ वाला अनरसा बाजार से गायब होता जा रहा है।

महंगूू गुप्ता और राधेश्याम गुप्ता बताते हैं कि मिठाई बनने में जितनी मेहनत लगती है, उसके हिसाब से लाभ कम होता है। लिहाजा लोग इसे छोड़ते जा रहे हैं। बाजार में तरह-तरह की मिठाइयां आ गई हों, लेकिन सावन माह में बहू-बेटियों को तीज-त्योहार भेजते समय लोगों को अनरसा की याद आ ही जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed