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दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन दो सौ करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
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महुआबाग स्थित यूनियन बैंक के पास नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : GHAZIPUR
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बृहस्पतिवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंकों की कुल तीन सौ शाखाओं पर ताले लटकते रहे। विभिन्न बैंकों के 250 एटीएम बंद रहे जिससे लोगों को परेशानी हुई। यूएफबीयू के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि हड़ताल से जिले में करीब दो सौ करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
यूनियन बैंक आफ इंडिया के महुआबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के परिसर में बैंककर्मियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस दौरान यूएफबीयू के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने बैंकिंग बिल संशोधन का विरोध करते हुए कहा कि सरकार अपने शेयर को 51 प्रतिशत से नीचे लाना चाहती है। सरकार पूरे बैंकिंग उद्योग को छिन्न-भिन्न करना चाहती है। लेबर ला एक्ट में संशोधन अनुचित है। सत्यम कुमार ने कहा कि निजीकरण होने से बैंकों में आम जनता की सेवा कम हो जाएगी। साथ ही किसी भी सेवा के लिए अधिक से अधिक भुगतान करना पड़ेगा। मनीष प्रताप सिंह ने सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताया। संतोष राय ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से सामाजिक सेवा में कमी आएगी। आम जनता को परेशानी होगी। इस मौके पर सुनील उपाध्याय, पंकज चौबे, आलोक श्रीवास्तव, टीएन सिंह, कमलेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह, दिनेशचंद्र शर्मा, दिनेश यादव, हरिद्वार यादव, मृत्युंजय कुमार, अभिषेक, आलोक प्रकाश, सत्येंद्र गुप्ता, अशोक कुमार सिंह, कासिम रजा, विनोद प्रधान, योगेश सिंह रहे। अध्यक्षता सत्यदेव राम एवं संचालन संतोष कुमार ने किया।
पंजाब नेशनल बैंक की विशेश्वरगंज शाखा के कर्मचारियों ने बैंकों के निजीकरण एवं बैंकिंग कानून में संशोधन विधेयक-2021 के विरोध में प्रदर्शन किया। पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री (मऊ सर्किल) सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार मुनाफे का निजीकरण और घाटे का राष्ट्रीयकरण कर रही है। पीएनबी आफीसर एसोसिएशन के चेयरमैन श्रीप्रकाश तिवारी ने कहा कि सरकार की निजीकरण की नीति धोखा है। उन्होंने बैंकिंग संशोधन बिल वापस लेने की मांग की। इस मौके पर आलोक प्रकाश, शुभम सिंह, कमलेश सिंह, अभिनव, कृष्णदेव सिंह, अशोक सिंह, राजकपूर, अंकित, कैलाश रावत, जितेंद्र, राहुल, अविनाश, अरुण, साकेत आदि उपस्थित थे। भांवरकोल : क्षेत्र के बैंकों पर ताले लटके रहे। कुंडेसर, मिर्जाबाद, अवथहीं, कनुवान, खरडीहा स्थित बैंक शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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इनसेट
एटीएम बंद, नहीं निकाल सके पैसे
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को एटीएम बूथ भी बंद रहे जिससे लोगों को परेशानी हुई। लोग पैसे नहीं निकाल सके। एटीएम बूथों पर ताला लटकते देख लोगों को लौटना पड़ा। एटीएम बंद रहने की वजह से कई जगह भटकने के बाद भी उनकी जरूरत पूरा नहीं हो सकी।
हड़ताल की जानकारी नहीं होने पर बहुत से लोग पैसे की जमा निकासी के लिए बैंक शाखाओं पर पहुंचे लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
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बैंक बंद होने से जहां बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ वहीं आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।- शिवराम सिंह, भिक्खीचौरा
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ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की व्यवस्था होने से बहुत विशेष समस्या नहीं हुई लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से बैंक आए लोगों को कठिनाई हुई।- पवन कुमार, तुलसी सागर
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बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं पर पहुंचे खाताधारकों को बैरंग लौटना पड़ा। बैंक बंदी से आर्थिक नुकसान भी हुआ है।-गर्वजीत सिंह, शास्त्रीनगर
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बैंकों की हड़ताल का असर इसलिए बहुत नहीं रहा क्योंकि इंटरनेट बैंकिंग से सुविधाएं मिल जा रही हैं।-कार्तिक गुप्ता, रजदेपुर।
(फोटो भी)
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यूनियन बैंक आफ इंडिया के महुआबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के परिसर में बैंककर्मियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस दौरान यूएफबीयू के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने बैंकिंग बिल संशोधन का विरोध करते हुए कहा कि सरकार अपने शेयर को 51 प्रतिशत से नीचे लाना चाहती है। सरकार पूरे बैंकिंग उद्योग को छिन्न-भिन्न करना चाहती है। लेबर ला एक्ट में संशोधन अनुचित है। सत्यम कुमार ने कहा कि निजीकरण होने से बैंकों में आम जनता की सेवा कम हो जाएगी। साथ ही किसी भी सेवा के लिए अधिक से अधिक भुगतान करना पड़ेगा। मनीष प्रताप सिंह ने सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताया। संतोष राय ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से सामाजिक सेवा में कमी आएगी। आम जनता को परेशानी होगी। इस मौके पर सुनील उपाध्याय, पंकज चौबे, आलोक श्रीवास्तव, टीएन सिंह, कमलेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह, दिनेशचंद्र शर्मा, दिनेश यादव, हरिद्वार यादव, मृत्युंजय कुमार, अभिषेक, आलोक प्रकाश, सत्येंद्र गुप्ता, अशोक कुमार सिंह, कासिम रजा, विनोद प्रधान, योगेश सिंह रहे। अध्यक्षता सत्यदेव राम एवं संचालन संतोष कुमार ने किया।
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पंजाब नेशनल बैंक की विशेश्वरगंज शाखा के कर्मचारियों ने बैंकों के निजीकरण एवं बैंकिंग कानून में संशोधन विधेयक-2021 के विरोध में प्रदर्शन किया। पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री (मऊ सर्किल) सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार मुनाफे का निजीकरण और घाटे का राष्ट्रीयकरण कर रही है। पीएनबी आफीसर एसोसिएशन के चेयरमैन श्रीप्रकाश तिवारी ने कहा कि सरकार की निजीकरण की नीति धोखा है। उन्होंने बैंकिंग संशोधन बिल वापस लेने की मांग की। इस मौके पर आलोक प्रकाश, शुभम सिंह, कमलेश सिंह, अभिनव, कृष्णदेव सिंह, अशोक सिंह, राजकपूर, अंकित, कैलाश रावत, जितेंद्र, राहुल, अविनाश, अरुण, साकेत आदि उपस्थित थे। भांवरकोल : क्षेत्र के बैंकों पर ताले लटके रहे। कुंडेसर, मिर्जाबाद, अवथहीं, कनुवान, खरडीहा स्थित बैंक शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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एटीएम बंद, नहीं निकाल सके पैसे
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को एटीएम बूथ भी बंद रहे जिससे लोगों को परेशानी हुई। लोग पैसे नहीं निकाल सके। एटीएम बूथों पर ताला लटकते देख लोगों को लौटना पड़ा। एटीएम बंद रहने की वजह से कई जगह भटकने के बाद भी उनकी जरूरत पूरा नहीं हो सकी।
हड़ताल की जानकारी नहीं होने पर बहुत से लोग पैसे की जमा निकासी के लिए बैंक शाखाओं पर पहुंचे लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
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बैंक बंद होने से जहां बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ वहीं आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।- शिवराम सिंह, भिक्खीचौरा
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ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की व्यवस्था होने से बहुत विशेष समस्या नहीं हुई लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से बैंक आए लोगों को कठिनाई हुई।- पवन कुमार, तुलसी सागर
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बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं पर पहुंचे खाताधारकों को बैरंग लौटना पड़ा। बैंक बंदी से आर्थिक नुकसान भी हुआ है।-गर्वजीत सिंह, शास्त्रीनगर
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बैंकों की हड़ताल का असर इसलिए बहुत नहीं रहा क्योंकि इंटरनेट बैंकिंग से सुविधाएं मिल जा रही हैं।-कार्तिक गुप्ता, रजदेपुर।
(फोटो भी)