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Ghazipur News: दहेज हत्या में दोषी पति को आजीवन कारावास

Tue, 20 Feb 2024 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Feb 2024 11:42 PM IST
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Life imprisonment to husband convicted in dowry murder
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम अलख कुमार की अदालत ने मंगलवार को दहेज में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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अभियोजन के अनुसार मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहाना थाना निवासी शुभावती देवी ने मरदह थाने में 8 अक्तूबर 2020 को तहरीर देकर पुलिस को बताया कि मटेहूं गांव के धनंजय राजभर के साथ अपनी पुत्री पूजा राजभर की शादी एक साल पहले की थी। ससुराल जाते ही उसकी सास धर्मदेई देवी, ससुर हरिद्वार राजभर और पति धनंजय राजभर दहेज में सोने की चेन व टीवी की मांग करते थे। उसको प्रताड़ित करते थे।
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इसको लेकर उसके ससुराल वालों ने उसकी पुत्री पूजा की हत्या कर दी। तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने दौरान विवेचना सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया।
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दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने बयान न्यायालय ने दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए सास धर्मदेई देवी और ससुर हरिद्वार राजभर को दोषमुक्त कर दिया। वहीं पति धनंजय राजभर को दहेज प्रताड़ना और हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास के साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया है।
दुष्कर्म में दोषी को 10 साल की सजा, जुर्माना
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बालिका के साथ हुए दुराचार के दोषी को दस वर्ष कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की राशि से 75 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार बरेसर थाना के एक गांव के एक व्यक्ति ने तहरीर दिया कि 30 मई 2015 को वह दवा लेने गया था। उसकी पत्नी खेत पर गई थी। इधर, आरोपी बबलू राजभर उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर शाम पांच बजे घर से लेकर चला गया। घर लौटने पर लोगों ने बताया कि बबलू घर आया था और उसकी पुत्री से बातचीत कर रहा था।


तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा धारा में बढ़ोतरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजन शशिकांत पांडेय ने आठ गवाहों को पेश किया। गवाहों ने घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दुराचार का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
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