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Ghazipur: साथी की हत्या मामले SSB के तीन जवानों को उम्रकैद, 12 गवाहों को सुनन के बाद कोर्ट का आया फैसला
Sat, 16 Mar 2024 08:30 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 16 Mar 2024 08:30 PM IST
सार
Ghazipur News: वादी की सूचना पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ।विवेचना के दौरान पुलिस ने एसएसबी के उपनिरीक्षक सेसराम ठाकुर, हेड कांस्टेबल निलेंद्र चक्रवर्ती और भरत भजेल का नाम प्रकाश में आया और पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
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गाजीपुर जिला अदालत।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गाजीपुर में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चन्द्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शनिवार को अपने साथी की हत्या के मामले में सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) के तीन जवानों को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक को 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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अभियोजन के अनुसार, शस्त्र सेना बल के असिस्टेंट कमांडेंट प्रदीप कुमार गुप्ता ने 30 जनवरी, 2017 को थाना नंदगंज में तहरीर दिया कि वह अपने वाहिनी के साथ गोंदिया एक्सप्रेस से दुर्ग छत्तीसगढ़ जा रहे थे। तरांव स्टेशन से पहले चेन पुलिंग के समय उनका साथी धनदेव फोन कान में लगाए हुए अपने कोच से बाहर निकले और ट्रेन से उतर गए।
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इधर ट्रेन चली तो वादी ने चेनपुलिंग करके ट्रेन रोकी। वह और उसके साथी उतरे और धनदेव की तलाश की तो उसका मोबाइल पटरी पर पड़ा मिला। शक होने पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। दूसरे दिन सुबह थाने पर सूचना दी और उसके साथ मौके पर पुलिस गई तो एक महिला ने जानकारी दी कि खेत के पेड़ में लाश लटकी है। वादी की सूचना पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ।
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विवेचना के दौरान पुलिस ने एसएसबी के उपनिरीक्षक सेसराम ठाकुर, हेड कांस्टेबल निलेंद्र चक्रवर्ती और भरत भजेल का नाम प्रकाश में आया और पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने कुल 12 गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाते हुए तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया।