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हत्या के मामले में दो को आजीवन कारावास
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गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय दुर्गेश की अदालत ने शनिवार को हत्या के मामले में दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 7.20-7.20 लाख रुपये अर्थदंड की धनराशि में से 90 फीसद वादी सुनील कुमार सिंह को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार 28 नवंबर 2018 को सादात थाना क्षेत्र के पट्टी गरीब निवासी सुनील कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया कि रंजिश को लेकर उसके गांव के संजय सिंह सहयोगियों के साथ बीते आठ अगस्त 2018 को उसके दरवाजे पर पत्नी से रंगदारी की मांग करने लगे। पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया था। बीते 28 नवंबर 2018 की दोपहर में पुत्र अंकुर कुमार सिंह मौसी के यहां जाने के लिए बाइक से निकला। काली माता मंदिर के आगे रणजीत सिंह उससे उलझ गया। इस बीच मेहनाजपुर की ओर से आई स्कार्पियो ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे वह गिर गया। इधर स्कार्पियो में बैठे संजय सिंह और संदीप सिंह ने अंकुर की गोली मारकर हत्या कर दी। सुनील की तहरीर पर सादात थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार सिंह ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने रणजीत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं संजय सिंह और संदीप सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार 28 नवंबर 2018 को सादात थाना क्षेत्र के पट्टी गरीब निवासी सुनील कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया कि रंजिश को लेकर उसके गांव के संजय सिंह सहयोगियों के साथ बीते आठ अगस्त 2018 को उसके दरवाजे पर पत्नी से रंगदारी की मांग करने लगे। पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया था। बीते 28 नवंबर 2018 की दोपहर में पुत्र अंकुर कुमार सिंह मौसी के यहां जाने के लिए बाइक से निकला। काली माता मंदिर के आगे रणजीत सिंह उससे उलझ गया। इस बीच मेहनाजपुर की ओर से आई स्कार्पियो ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे वह गिर गया। इधर स्कार्पियो में बैठे संजय सिंह और संदीप सिंह ने अंकुर की गोली मारकर हत्या कर दी। सुनील की तहरीर पर सादात थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार सिंह ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने रणजीत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं संजय सिंह और संदीप सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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