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Ghazipur News: ओवरफ्लो होने से माइनर का अंतिम मुहाना टूटा, बीस बीघा फसल जलमग्न
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रेवतीपुर। सिंचाई विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बीते मंगलवार की रात को ब्लाक अंतर्गत बड़ौ़रा-अधियारा माइनर में अचानक क्षमता से अधिक पानी छोड़े़ जाने से माइनर का अंतिम मुहाना पानी के तेज बहाव एवं ओवरफ्लो होने से टूट गया। इसके चलते सुगवलियां क्षेत्र के दर्जनों किसानों की करीब बीस बीघे से अधिक क्षेत्रफल में बोई गई गेहूं, चना, मटर, मसूर, सरसों, आलू, हरी मिर्च, सब्जी आदि जलमग्न हो गई है। माइनर के ओवरफ्लो होने एवं उसका अंतिम मुहाना टूटने की सूचना ग्रामीणों ने विभाग को दे दी। इसके बाद माइनर में पानी बंद कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष उन्हें इस तरह के नुकसान का सामना करना पड़ता है। बताया कि दशकों पहले निर्मित यह माइनर का अंतिम मुहाना पानी के दबाव के चलते टूट जाता है। बावजूद इसके विभाग की ओर से इसकी मरम्मत के नाम पर कोरम पूरा किया जाता है। इसका नतीजा यह है कि हर वर्ष उनकी फसल विभागीय लापरवाही के चलते जलमग्न हो जाती है। बताया कि पूर्व में हुए नुकसान को लेकर विभाग की तरफ से आज तक क्षतिपूर्ति-मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों ने बताया कि जरूरत के समय विभाग समय से पानी नहीं छोड़ता है। जब आवश्यकता नहीं रहती है तब बेवजह पानी छोड़ दिया जाता है। करीब छह किमी लंबी इस माइनर का निर्माण दशकों पहले हुआ जो, अपूर्ण है।
इस संबंध में अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि सूचना पर पानी बंद कर दिया गया है। संबंधित को भेजकर इसे दिखवा लिया जाएगा। हालांकि बुधवार को दिन में करीब दो बजे तक कोई मौके पर पहुंचा नहीं था।
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ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष उन्हें इस तरह के नुकसान का सामना करना पड़ता है। बताया कि दशकों पहले निर्मित यह माइनर का अंतिम मुहाना पानी के दबाव के चलते टूट जाता है। बावजूद इसके विभाग की ओर से इसकी मरम्मत के नाम पर कोरम पूरा किया जाता है। इसका नतीजा यह है कि हर वर्ष उनकी फसल विभागीय लापरवाही के चलते जलमग्न हो जाती है। बताया कि पूर्व में हुए नुकसान को लेकर विभाग की तरफ से आज तक क्षतिपूर्ति-मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों ने बताया कि जरूरत के समय विभाग समय से पानी नहीं छोड़ता है। जब आवश्यकता नहीं रहती है तब बेवजह पानी छोड़ दिया जाता है। करीब छह किमी लंबी इस माइनर का निर्माण दशकों पहले हुआ जो, अपूर्ण है।
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इस संबंध में अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि सूचना पर पानी बंद कर दिया गया है। संबंधित को भेजकर इसे दिखवा लिया जाएगा। हालांकि बुधवार को दिन में करीब दो बजे तक कोई मौके पर पहुंचा नहीं था।
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