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Ghazipur News: नहीं मिली भूमि , अधर में गो संरक्षण केंद्र का निर्माण
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गाजीपुर। जनपद में पांचवें वृहद गो-संरक्षण केंद्र के निर्माण को लेकर शासन की ओर से पशु पालन विभाग से प्रस्ताव मांगा गया था, लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसके कारण वृहद गो-संरक्षण केंद्र के निर्माण का मामला अधर में नजर आ रहा है।
गोवंशों के बेहतर ढंग से रख-रखाव को लेकर वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण होना है। शासन के निर्देश पर पशु पालन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। इस पर मुहर लगाते हुए शासन ने जिला प्रशासन को भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जमीन उपलब्ध कराने के लिए बीते 10 जुलाई को डीएम की ओर से जिले के सातों तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिया गया था। यहीं 15 दिन का समय भी निर्धारित गया था। बावजूद डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है, अब तक किसी भी तहसील में जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है। ऐसे में वृहद गो संरक्षण केंद्र का मामला परवान नहीं चढ़ पा रहा है, बल्कि यह ठंडे बस्ते में जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस संबंध में पशु पालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गौतम ने बताया कि जमीन अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है। जमीन उपलब्ध होते ही वृहद गो संरक्षण केंद्र के निर्माण की कवायद शुरू हो जाएगी।
जिले में नौ लाख मवेशी
जनपद में लगभग नौ लाख मवेशी हैं। एक वृहद गो संरक्षण केंद्र में 300 गोवंशों को रखने की क्षमता होती है। वृहद गो संरक्षण केंद्र में मवेशियों को रहने के लिए टीनशेड का निर्माण कराया जाता है। साथ ही कार्यालय और चारा घर का भी निर्माण होता है।
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इन जगहों पर हैं वृहद गो संरक्षण केंद्र
जनपद में चार वृहद गो संरक्षण केंद्र हैं। इनमें मुहम्मदाबाद तहसील के करीमुद्दीनपुर, कासिमाबाद के परजीपाह, सैदपुर के पिपनार और सदर तहसील का कुसेहरा शामिल है। इन चारों केंद्र में 1200 गोवंश रखे गए हैं।
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गोवंशों के बेहतर ढंग से रख-रखाव को लेकर वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण होना है। शासन के निर्देश पर पशु पालन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। इस पर मुहर लगाते हुए शासन ने जिला प्रशासन को भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जमीन उपलब्ध कराने के लिए बीते 10 जुलाई को डीएम की ओर से जिले के सातों तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिया गया था। यहीं 15 दिन का समय भी निर्धारित गया था। बावजूद डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है, अब तक किसी भी तहसील में जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है। ऐसे में वृहद गो संरक्षण केंद्र का मामला परवान नहीं चढ़ पा रहा है, बल्कि यह ठंडे बस्ते में जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस संबंध में पशु पालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गौतम ने बताया कि जमीन अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है। जमीन उपलब्ध होते ही वृहद गो संरक्षण केंद्र के निर्माण की कवायद शुरू हो जाएगी।
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जिले में नौ लाख मवेशी
जनपद में लगभग नौ लाख मवेशी हैं। एक वृहद गो संरक्षण केंद्र में 300 गोवंशों को रखने की क्षमता होती है। वृहद गो संरक्षण केंद्र में मवेशियों को रहने के लिए टीनशेड का निर्माण कराया जाता है। साथ ही कार्यालय और चारा घर का भी निर्माण होता है।
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इन जगहों पर हैं वृहद गो संरक्षण केंद्र
जनपद में चार वृहद गो संरक्षण केंद्र हैं। इनमें मुहम्मदाबाद तहसील के करीमुद्दीनपुर, कासिमाबाद के परजीपाह, सैदपुर के पिपनार और सदर तहसील का कुसेहरा शामिल है। इन चारों केंद्र में 1200 गोवंश रखे गए हैं।