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Ghazipur News: मजदूर का शव मिला, हत्या की आशंका
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कासिमाबाद। कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के सिवान में सोमवार की सुबह एक मजदूर का शव मिला। मृतक के माथे पर चोट के निशान थे। घटनास्थल से कुछ दूर पर गमछा, इनर, चुनौटी और एक लोहे की तगाड़ी पड़ी थी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों एवं परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को शव कब्जे में नहीं लेने दिया। करीब दो घंटे बाद कासिमाबाद एसडीएम के आश्वासन के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। मौत के कारणों का पता लगाने के साथ पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।
धरवार कला गांव निवासी सुभाष राजभर (40) गांव के दो साथियों के साथ रविवार की सुबह काम करने के लिए घर से निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। सुबह सोनबरसा गांव के उत्तरी तरफ एक निजी नलकूप के पास खेत में सुभाष राजभर का शव मिला। जानकारी होते ही परिजनों ग्रामीण के साथ मौके पर पहुंच गए और रोने- बिलखने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मृतक के माथे पर चोट के निशान थे। शव से कुछ दूर पर मृतक का गमछा, इनर, चुनौटी और लोहे की तगाड़ी पड़ी थी। सुबह 6.30 बजे मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन के बाद शव कब्जे में लेने लगी तो ग्रामीणों एवं परिजनों ने रोक दिया। साथ ही घटना स्थल पर एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। जानकारी होते ही एसडीएम आशुतोष कुमार और सीओ अनिल तिवारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने परिजनों को समझाबुझाकर शांत कराया। साथ ही एसडीएम आशुतोष कुमार ने शासन से मिलने वाली सहायता राशि के साथ हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई और पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। घटना से पत्नी उषा देवी के साथ मां लालसा देवी, पुत्री अंजू, अंजलि, पुत्र धीरज एवं अभिषेक का रो रोकर बुरा हाल था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस छानबीन में जुटी है।
तीन वर्ष पूर्व भतीजे का भी घुटने भर पानी में मिला था शव
कासिमाबाद। मजदूर सुभाष राजभर की मौत कैसे हुई यह रहस्य बना है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में सुभाष के भतीजा सतीश राजभर का शव पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे के लिए खोदे गए गड्ढे में घुटने भर पानी में मिला था। उस घटना का भी पुलिस पर्दाफाश नहीं कर पाई थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। परिजन सुभाष की मौत को भतीजे की मौत से भी जोड़ कर देख रहे हैं। परिजनों को शंका है कि सुभाष राजभर की मौत की गुत्थी साथ काम करने गए गांव के दो मजदूरों से सुलझ सकती है। परिजनों ने भी तहरीर नहीं दी है।
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धरवार कला गांव निवासी सुभाष राजभर (40) गांव के दो साथियों के साथ रविवार की सुबह काम करने के लिए घर से निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। सुबह सोनबरसा गांव के उत्तरी तरफ एक निजी नलकूप के पास खेत में सुभाष राजभर का शव मिला। जानकारी होते ही परिजनों ग्रामीण के साथ मौके पर पहुंच गए और रोने- बिलखने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मृतक के माथे पर चोट के निशान थे। शव से कुछ दूर पर मृतक का गमछा, इनर, चुनौटी और लोहे की तगाड़ी पड़ी थी। सुबह 6.30 बजे मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन के बाद शव कब्जे में लेने लगी तो ग्रामीणों एवं परिजनों ने रोक दिया। साथ ही घटना स्थल पर एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। जानकारी होते ही एसडीएम आशुतोष कुमार और सीओ अनिल तिवारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने परिजनों को समझाबुझाकर शांत कराया। साथ ही एसडीएम आशुतोष कुमार ने शासन से मिलने वाली सहायता राशि के साथ हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई और पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। घटना से पत्नी उषा देवी के साथ मां लालसा देवी, पुत्री अंजू, अंजलि, पुत्र धीरज एवं अभिषेक का रो रोकर बुरा हाल था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस छानबीन में जुटी है।
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तीन वर्ष पूर्व भतीजे का भी घुटने भर पानी में मिला था शव
कासिमाबाद। मजदूर सुभाष राजभर की मौत कैसे हुई यह रहस्य बना है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में सुभाष के भतीजा सतीश राजभर का शव पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे के लिए खोदे गए गड्ढे में घुटने भर पानी में मिला था। उस घटना का भी पुलिस पर्दाफाश नहीं कर पाई थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। परिजन सुभाष की मौत को भतीजे की मौत से भी जोड़ कर देख रहे हैं। परिजनों को शंका है कि सुभाष राजभर की मौत की गुत्थी साथ काम करने गए गांव के दो मजदूरों से सुलझ सकती है। परिजनों ने भी तहरीर नहीं दी है।
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