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Ghazipur News: केंद्रीय विद्यालय के पास अपना भवन नहीं, 38 वर्षों से चल रहा अफीम फैक्टरी में

Sun, 15 Sep 2024 12:52 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2024 12:52 AM IST
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Kendriya Vidyalaya does not have its own building, it is running in opium factory for 38 years.
गाजीपुर। एक ओर हर जनपद में केंद्रीय विद्यालय की मांग जनप्रतिनिधि और जनता द्वारा की जा रही है तो दूसरी ओर गाजीपुर में संचालित केंद्रीय विद्यालय पर बंद होने का खतरा मड़रा रहा है। वजह अफीम फैक्ट्री के पुराने गोदाम में बने कमरों में चल रहे इस विद्यालय के पास खुद का भवन नहीं है। हालांकि प्रशासन ने अफीम फैक्टरी के माध्यम से 5.9 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है, लेकिन, वो लो लैंड है। उसे मिट्टी डालकर समतल कराने के नाम पर ही 2.98 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस पर केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) से जुड़े लोगों का कहना है कि इतना खर्च वहन नहीं कर सकते है। इसके बाद नए सिरे से जमीन की तलाश हो रही है। समतल भूमि उपलब्ध कराने के लिए एमएलसी विशाल सिंह चंचल और राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत को पत्र भी भेजा है।
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जनपद में अफीम एवं क्षारोद कारखाना द्वारा उपलब्ध कराए गए अस्थाई प्रायोजक बैरकनुमा भवन में सन 1986 से केंद्रीय विद्यालय चल रहा हैं। यहां कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालांकि अफीम एवं क्षारोद कारखाना गाजीपुर द्वारा काफी प्रयास के बाद 30 जुलाई 2022 को 5.69 एकड़ भूमि साई मंदिर के पास उपलब्ध करा दिया गया। इसे केंद्रीय विद्यालय गाजीपुर के स्थाई भवन निर्माण के लिए लीज के आधार पर स्थानांतरित किया गया। निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से एस्टीमेट तैयार कराकर केंद्रीय विद्यालय संगठन के मुख्यालय भेजा गया। इसमें यह भी बताया गया कि भवन निर्माण के लिए मिली भूमि लो लैंड है। जमीन समतल कराने में 2 करोड़ 98 लाख 88 हजार 686 का खर्च आएगा। उधर इसकी जानकारी होने पर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह कहते हुए हाथ खड़ा कर लिया कि नियमानुसार वे इतना खर्च वहन नहीं कर सकते। साथ ही विद्यालय की प्रायोजक संस्था अफीम एवं क्षारोद कारखाना गाजीपुर से मृदा भराव का अनुरोध किया था।लेकिन महाप्रबंधक अफीम एवं क्षारोद कारखाना का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय का प्रोजेक्ट उनका नहीं है, इसलिए विद्यालय भवन निर्माण के लिए दिए गए भूमि पर मृदा भराव का कार्य नहीं करा सकता है। इसके बाद स्थाई भवन निर्माण के लिए समतल भूमि की तलाश हो रही है। स्कूल प्रबंधन ने इसके लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों तक से मदद मांगी है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अफीम फैक्टरी के पुराने गोदाम में विद्यालय होने से शैक्षिक और खेल गतिविधियों के संचालन में दिक्कत आ रही है। यहां 500 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। कमरे काफी काफी पुराने हो चुके हैं। यदि भूमि नहीं मिली तो भविष्य में विद्यालय संचालन में परेशानी होगी।
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केंद्रीय विद्यालय हमारे जनपद की बड़ी उपलब्धि है। बीते दिनों विद्यालय से लोग आए थे, उन्होंने इसके बारे में जानकारी है। मैंने उन्हें पेपर उपलब्ध कराने को कहा है। जरूरत पड़ी तो मैं सदन में भी इस मामले को उठाऊंगी। लेकिन, केंद्रीय विद्यालय बंद नहीं होने दूंगी।- डॉ. संगीता बलवंत, राज्यसभा सांसद
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केंद्रीय विद्यालय जिले के लिए बड़ी सौगात है। इसे किसी भी कीमत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। विद्यालय को समतल भूमि उपलब्ध करवाने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री तक को पूरे प्रकरण से अवगत कराकर समस्या के समाधान का अनुरोध करूंगा।- विशाल सिंह चंचल, एमएलसी
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