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Ghazipur News: विद्युत तंत्र के अवैध कारोबार में राजनीतिक संरक्षण तो नहीं

Mon, 10 Mar 2025 11:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Mar 2025 11:52 PM IST
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Is there political protection in illegal business of electricity system
दिलदारनगर थानाक्षेत्र के उसिया गांव के मोती नगर में रविवार को ट्रांसफार्मर फटने और उसके खौलते तेल से चार लोगों के झुलसने की घटना से बिजली निगम में हड़कंप मचा है। वजह इस दुर्घटना से कुछ और गंभीर बातें ध्यान में आई हैं, जिसे खुद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एक्स कर जाहिर किया है। इससे सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि जिले में ट्रांसफार्मर सहित विद्युत तंत्र के अवैध कारोबार करने एवं उसमें माफिया का हाथ और उनको राजनैतिक संरक्षण की भी संभावना दिखाई दे रही है।
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ऊर्जा मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रांसफार्मर अवैध था। जांच के आधार पर विभाग ने दिलदारनगर थानाक्षेत्र के उसिया गांव निवासी सद्दाम खान पर भी मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, विभागीय लोगों के मुताबिक सद्दाम बिजली निगम में कथित रुप से ठेकेदार के तौर पर कार्य करता रहा है। कुछ समय पहले उसके अहाते से करीब 12 ट्रांसफार्मर मिले थे, जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई भी की। बताते हैं कि ग्रामीणों के बीच उसकी अलग ही पहचान है। चर्चा है कि एक क्षेत्रीय कद्दावर नेता के संरक्षण प्राप्त है। इसके चलते वहां उसकी तूती बोलती है। लोग दबी जुबान यह भी चर्चा कर रहे हैं कि आइस फैक्ट्री में लगाया गया ट्रांसफार्मर उसी के पास से आया हुआ था, जिसमें ब्लास्ट होने से चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। हालांकि अब पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है।
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने पोस्ट में यह भी कहा है कि अनधिकृत रूप से एक आइस फैक्ट्री पर यह अवैध ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा था, जिसका कनेक्शन बिल न जमा होने से पहले ही काट दिया गया था। उनके इस बयान का पता लगाया गया तो जानकारी हुई कि आइस फैक्ट्री संचालक मोहम्मद वसीम खान ही है, जो उसिया का ही रहने वाला है। करीब 1.20 लाख रुपये आइस फैक्ट्री का बिजली बिल बकाया था, जिसे लेकर अब सस्पेंड हुए जेई शशिकांत पटेल काटा गया था। इसी जेई ने ही 2022 में लाइसेंस भी जारी किया था। विभागीय सूत्रों की मानें जेई ने आइस फैक्ट्री के संचालक मोहम्मद वसीम खान की ओर से बकाया राशि में कुछ धन राशि जमा करने के बाद ट्रांसफार्मर लगाने की मौखिक सहमति दी थी। अभी भी 32 हजार 278 रुपये फैक्ट्री के संचालक के ऊपर बकाया है।
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लाइनमैन मंटू कुशवाहा मूल रूप से दिलदारनगर थानाक्षेत्र की खजूरी गांव का रहने वाला है, जो एक संविदाकर्मी है। ट्रांसफार्मर ब्लास्ट होने से उसके हाथों पर भी तेल के पड़ गए थे, जिससे वह भी झुलस गया था। फिलहाल, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड जमानिया गोपी चंद ने खजुरी निवासी मंटू और उसिया निवासी सद्दाम खान के खिलाफ दिलदारनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के मुताबिक सरकारी ट्रांसफार्मर को खराब तरीके से परिवर्तन कर देने से ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट होने से चार लोग झुलस गए।

33/11 केवी उपकेंद्र करीमुद्दीनपुर के अंतर्गत आने वाले भरौली कला गांव में दो मार्च को 63 केवीए ट्रांसफॉर्मर में एक फेज का जंपर कट गया। इसकी रिपेयरिंग के लिए पोल अकुशल श्रमिक देवेंद्र राय जैसे ही पोल पर चढ़े तभी 11 केवी जंपर से टच होने के कारण उनकी मौत हो गई थी। मामले में एसएसओ अवधेश पाल को बर्खास्त कर दिया था और अवर अभियंता करीमुद्दीनपुर उपकेंद्र अशोक कुमार और उपखंड अधिकारी दिलीप साहू को निलंबित कर दिया गया। वहीं, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खंड गाजीपुर नगर आशीष कुमार को चार्जशीट करते हुए उनका तबादला जौनपुर के बदलापुर तहसील में इसी पद के लिए कर दिया गया।
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