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सिंचाई विभाग के कर्मियों को बना लिया बंधक
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:23 PM IST
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जमानिया के सिचाई विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन करते किसान।
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चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की नहरों में पिछले दो दिन से पानी बंद होने से नाराज सैकड़ों क्षेत्रीय किसानों ने पानी छोड़ने की मांग को लेकर गुरुवार को सिंचाई विभाग कालोनी स्थित कार्यालय में जमकर हंगामा किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों को बंधक बनाते हुए कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। तीन पंपों से पानी छोड़ने के बाद नाराज किसान शांत हुए।
चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की नहरों का पानी दो दिनों से बंद है। इससे नाराज दर्जनों किसान गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे सिंचाई विभाग कालोनी स्थित कार्यालय पर पहुंचे और पानी चालू करने को लेकर हंगामा करने लगे। नाराज लोगों ने कर्मचारियोें को बंधक बना लिया। कर्मचारियों ने तत्काल घटना की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन उच्चाधिकारियों ने उनकी बातों को पर ध्यान नहीं दिया।
इससे नाराज किसान कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए पंप कैनाल की तरफ बढ़ने लगे।पंप कैनाल के कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड वाराणसी से वार्ता कर किसानों की मांगों और उनके आक्रोश से अवगत कराया। इस पर उन्होंने तुरंत पंप कैनाल के तीन पंप चलाने का निर्देश दिया। कैनाल के तीन पंपों से पानी छोड़ने किसान शांत हुए। किसान गोपाल कुशवाहा, इंद्रपाल सिंह, भूपनारायण सिंह, संजय सिंह, बाबूलाल कुशवाहा, त्रिलोकी उपाध्याय, राकेश कुशवाहा, आशुतोष सिंह, चंदन, डबल उपाध्याय, डा. विजेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद थे।
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चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की नहरों का पानी दो दिनों से बंद है। इससे नाराज दर्जनों किसान गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे सिंचाई विभाग कालोनी स्थित कार्यालय पर पहुंचे और पानी चालू करने को लेकर हंगामा करने लगे। नाराज लोगों ने कर्मचारियोें को बंधक बना लिया। कर्मचारियों ने तत्काल घटना की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन उच्चाधिकारियों ने उनकी बातों को पर ध्यान नहीं दिया।
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इससे नाराज किसान कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए पंप कैनाल की तरफ बढ़ने लगे।पंप कैनाल के कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड वाराणसी से वार्ता कर किसानों की मांगों और उनके आक्रोश से अवगत कराया। इस पर उन्होंने तुरंत पंप कैनाल के तीन पंप चलाने का निर्देश दिया। कैनाल के तीन पंपों से पानी छोड़ने किसान शांत हुए। किसान गोपाल कुशवाहा, इंद्रपाल सिंह, भूपनारायण सिंह, संजय सिंह, बाबूलाल कुशवाहा, त्रिलोकी उपाध्याय, राकेश कुशवाहा, आशुतोष सिंह, चंदन, डबल उपाध्याय, डा. विजेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद थे।
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