{"_id":"6043b9018ebc3e59067dafaa","slug":"international-women-s-day-by-giving-education-and-honor-to-women-a-strong-nation-will-be-imagined-ghazipur-news-vns578465980","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: नारी को शिक्षा और सम्मान देने से मजबूत राष्ट्र की कल्पना होगी साकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: नारी को शिक्षा और सम्मान देने से मजबूत राष्ट्र की कल्पना होगी साकार
विज्ञापन
हसील सभागार सैदपुर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में बोलते अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्रा।
- फोटो : GHAZIPUR
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गाजीपुर जनपद के तहसील सैदपुर के सभागार में शनिवार को महिला सशक्तिकरण जागरूकता एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाए जाने पर बल देते हुए वक्ताओं ने कहा कि नारी को शिक्षा एवं सम्मान देने से ही मजबूत राष्ट्र और मजबूत समाज की कल्पना साकार की जा सकती है।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता उप जिलाधिकारी विक्रम सिंह ने कहा कि प्रकृति ने नारी को मन से सशक्त बनाया है। उसके अंदर करुणा, दया, मोह सब कुछ समाया हुआ है इसलिए वह समर्पण की प्रतीक है लेकिन अबला नहीं है। आज के दौर में उसे और सशक्त बनाने के लिए हुनरमंद और शिक्षा के विविध आयामों से जोड़ना होगा तभी नारी सशक्तिकरण की अवधारणा साकार होगी। तहसीलदार दिनेश कुमार ने कहा कि महिलाओं के उन्नयन के लिए सरकार ने तरह-तरह की कल्याणकारी योजनाओं को संचालित किया है।
उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए महिलाओं को जागरूक करना होगा। अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्रा ने कहा कि शिक्षा एवं संस्कार ही नारी का संबल है। इसे अपनाकर ही वह अपना मुकाम हासिल कर सकती हैं। भाजपा महिला मोर्चा की प्रादेशिक इकाई की सदस्य मीरा श्रीवास्तव ने कहा कि नारी को समाज की रूढ़िवादी परंपराओं से आगे निकलने का मौका दें। इस मौके पर नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन शीला सोनकर, भाजपा महिला मंडल की अध्यक्ष पूनम मौर्या, ज्योति पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन लेखपाल संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोष्ठी के मुख्य वक्ता उप जिलाधिकारी विक्रम सिंह ने कहा कि प्रकृति ने नारी को मन से सशक्त बनाया है। उसके अंदर करुणा, दया, मोह सब कुछ समाया हुआ है इसलिए वह समर्पण की प्रतीक है लेकिन अबला नहीं है। आज के दौर में उसे और सशक्त बनाने के लिए हुनरमंद और शिक्षा के विविध आयामों से जोड़ना होगा तभी नारी सशक्तिकरण की अवधारणा साकार होगी। तहसीलदार दिनेश कुमार ने कहा कि महिलाओं के उन्नयन के लिए सरकार ने तरह-तरह की कल्याणकारी योजनाओं को संचालित किया है।
विज्ञापन
उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए महिलाओं को जागरूक करना होगा। अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्रा ने कहा कि शिक्षा एवं संस्कार ही नारी का संबल है। इसे अपनाकर ही वह अपना मुकाम हासिल कर सकती हैं। भाजपा महिला मोर्चा की प्रादेशिक इकाई की सदस्य मीरा श्रीवास्तव ने कहा कि नारी को समाज की रूढ़िवादी परंपराओं से आगे निकलने का मौका दें। इस मौके पर नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन शीला सोनकर, भाजपा महिला मंडल की अध्यक्ष पूनम मौर्या, ज्योति पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन लेखपाल संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह ने किया।
विज्ञापन