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Ghazipur News: अत्याधुनिक मशीनों को लगाने का कार्य अधूरा
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करीब 25 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन सोनवल से ट्रेनों को बेहतर एवं सुरक्षित तरीके से संचालन के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग सिस्टम से नए रेल लाइन को दो साल बाद भी लैस नहीं किया जा सका। जबकि इस नई परियोजना का शुभारंभ कुछ ही महीनों में होना है। ऐसे में वर्ष के अंत तक ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने में उदासीनता बरती जा रही है। ट्रेनों के सुरक्षित एवं संरक्षित संचालन के लिए करोड़ों की लागत से एसी/डीसी सिग्नल कंट्रोलिंग सिस्टम रिले एवं पैनल कक्ष में अत्याधुनिक मशीनों को लगाने का कार्य पूरा नहीं हो सका है।
जबकि इसमें दर्जनों ट्रेक सेक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट लगाए जाने हैं। नये अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग सिस्टम को यूएफएसबीआई ब्लाक पैनल के साथ लगाया जाना है। इस नई प्रणाली की सुरक्षा के लिए कई फ्यूज अलार्म सिस्टम को भी लगाया जाएगा। इसके अलावा नये रूट पर दर्जनों सिंग्नलिंग पोल, लोकेशन बाक्स, एक्सल काउंटर लगाया जाना है।
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, यह सिग्नल कंट्रोलिंग सिस्टम पूरी तरह से स्टेशन मास्टर की देखरेख में संचालन होगा। इसके लग जाने के बाद ट्रेनों को जहां रफ्तार मिलेगी। वहीं, किसी मानवीय चूक की वजह से होने वाली हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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इस संबंध में आरवीएनएल के सीपीएम विकास चंद्रा ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले महीने तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
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जबकि इसमें दर्जनों ट्रेक सेक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट लगाए जाने हैं। नये अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग सिस्टम को यूएफएसबीआई ब्लाक पैनल के साथ लगाया जाना है। इस नई प्रणाली की सुरक्षा के लिए कई फ्यूज अलार्म सिस्टम को भी लगाया जाएगा। इसके अलावा नये रूट पर दर्जनों सिंग्नलिंग पोल, लोकेशन बाक्स, एक्सल काउंटर लगाया जाना है।
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रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, यह सिग्नल कंट्रोलिंग सिस्टम पूरी तरह से स्टेशन मास्टर की देखरेख में संचालन होगा। इसके लग जाने के बाद ट्रेनों को जहां रफ्तार मिलेगी। वहीं, किसी मानवीय चूक की वजह से होने वाली हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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इस संबंध में आरवीएनएल के सीपीएम विकास चंद्रा ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले महीने तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
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