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मानवाधिकार दिवस पर हुई प्रतियोगिताएं
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:38 PM IST
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जिले के शैक्षणिक संस्थानों एवं स्वंयसेवी संस्थानों की ओर से गुरुवार को मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जहां शिक्षकों ने मानवाधिकार की रक्षा के लिए शपथ ली तो कुछ विद्यालयों में प्रतियोगिताएं और काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
इस मौके पर पीजी कॉलेज के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने कालेज के शोध ग्रंथालय के परिसर में मानवाधिकार रक्षा की शपथ ली। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. हरिहर प्रसाद सिंह ने कहा कि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का
एक-दूसरे के प्रति सम्मान ही मानवाधिकार है। डॉ. श्रीकांत पांडेय ने कर्मचारियों और प्राध्यापकों को शपथ दिलाते हुए इसकी महत्ता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महामंत्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि
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समाज के लोगों को आपसी असहमति के साथ जीने का अधिकार लोकतंत्र एवं उसके मूल में मानवाधिकार है। इस अवसर पर चीफ प्राक्टर बालेश्वर सिंह, डॉ. सत्येंद्र नाथ सिंह, एनएसएस डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. विनय कुमार दूबे, डॉ.
लवजी सिंह, डॉ. समर बहादुर सिंह, डॉ. आमदेव सिंह गौतम, डॉ. डीके शर्मा, डॉ. विजय सिंह, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अचल सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, रामलाल, प्रत्युश सिंह आदि मौजूद रहे। राष्ट्र की सुरक्षा एवं मानवाधिकार संरक्षण में
समर्पित मानवाधिकार संगठन की ओर से शास्त्रीनगर स्थित राजेश्वरी विकलांग विद्यालय एवं औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस मौके पर प्रशिक्षण संस्थान केंद्र के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत
किया। संगठन की टीम ने विकलांग बच्चों में गर्म कपड़े एवं मिठाई वितरित किया। कार्यक्रम की शुरूआत संगठन के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह ने दीप प्रज्जवलित करके किया। संस्था के सचिव अमित अग्रहरी ने बच्चों को मानवाधिकार
के बारे में बताया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रविकांत, संदीप अग्रहरी, संजय वर्मा, तनवीर अंसारी, फौजदार बिंद, मनोज अग्रहरी, सुनील यादव, मयंक तिवारी, टुन्नु सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन स्कूल के प्रधानाध्यापक अमरनाथ
गुप्ता ने किया। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर मानव के अधिकारों पर आधारित कविता पाठ प्रतियोगिता एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कविता पाठ प्रतियोगिता में एमए
द्वितीय वर्ष की काजल गुप्ता प्रथम और बीए तृतीय वर्ष की शिवांगी श्रीवास्तव को संयुक्त रूप से प्रथम, बीए तृतीय वर्ष प्रीति वर्मा को द्वितीय स्थान और बीए प्रथम वर्ष की छात्रा वंदना वर्मा को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता के बाद
विचार गोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय के राजनीतिशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. प्रताप सिंह रावत ने मानवाधिकारों की उत्पत्ति एवं विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. अमित यादव ने कहा कि हमें वसुधैव कुटुम्बकम को
आत्मसात करना होगा जो सबके अधिकार को कर्तव्यों के साथ स्वीकार करता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केके तिवारी ने कहा कि मानव के ही जीवों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। गोष्ठी का संचालन डॉ. संतन कुमार
राम एवं डॉ. शिवकुमार ने संयुक्त रूप से किया। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के खेल मैदान में 92 यूपी बटालियन की एनसीसी के तत्वाधान में चल रहे चार दिवसीय एनसीसी ट्रेनिंग के अंतिम दिन कैडटों ने आपदा प्रबंधन, सामाजिक
सेवा मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर सभी कैडटों ने मानव के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का पूर्ण रूप से पालन एवं बिना किसी पक्षपात के मानवाधिकारों का सम्मान करने का शपथ लिया। इस अवसर पर एनसीसी अफिसर डॉ. डीआर सिंह, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर पीजी कॉलेज के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने कालेज के शोध ग्रंथालय के परिसर में मानवाधिकार रक्षा की शपथ ली। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. हरिहर प्रसाद सिंह ने कहा कि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का
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एक-दूसरे के प्रति सम्मान ही मानवाधिकार है। डॉ. श्रीकांत पांडेय ने कर्मचारियों और प्राध्यापकों को शपथ दिलाते हुए इसकी महत्ता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महामंत्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि
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समाज के लोगों को आपसी असहमति के साथ जीने का अधिकार लोकतंत्र एवं उसके मूल में मानवाधिकार है। इस अवसर पर चीफ प्राक्टर बालेश्वर सिंह, डॉ. सत्येंद्र नाथ सिंह, एनएसएस डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. विनय कुमार दूबे, डॉ.
लवजी सिंह, डॉ. समर बहादुर सिंह, डॉ. आमदेव सिंह गौतम, डॉ. डीके शर्मा, डॉ. विजय सिंह, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अचल सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, रामलाल, प्रत्युश सिंह आदि मौजूद रहे। राष्ट्र की सुरक्षा एवं मानवाधिकार संरक्षण में
समर्पित मानवाधिकार संगठन की ओर से शास्त्रीनगर स्थित राजेश्वरी विकलांग विद्यालय एवं औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस मौके पर प्रशिक्षण संस्थान केंद्र के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत
किया। संगठन की टीम ने विकलांग बच्चों में गर्म कपड़े एवं मिठाई वितरित किया। कार्यक्रम की शुरूआत संगठन के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह ने दीप प्रज्जवलित करके किया। संस्था के सचिव अमित अग्रहरी ने बच्चों को मानवाधिकार
के बारे में बताया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रविकांत, संदीप अग्रहरी, संजय वर्मा, तनवीर अंसारी, फौजदार बिंद, मनोज अग्रहरी, सुनील यादव, मयंक तिवारी, टुन्नु सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन स्कूल के प्रधानाध्यापक अमरनाथ
गुप्ता ने किया। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर मानव के अधिकारों पर आधारित कविता पाठ प्रतियोगिता एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कविता पाठ प्रतियोगिता में एमए
द्वितीय वर्ष की काजल गुप्ता प्रथम और बीए तृतीय वर्ष की शिवांगी श्रीवास्तव को संयुक्त रूप से प्रथम, बीए तृतीय वर्ष प्रीति वर्मा को द्वितीय स्थान और बीए प्रथम वर्ष की छात्रा वंदना वर्मा को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता के बाद
विचार गोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय के राजनीतिशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. प्रताप सिंह रावत ने मानवाधिकारों की उत्पत्ति एवं विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. अमित यादव ने कहा कि हमें वसुधैव कुटुम्बकम को
आत्मसात करना होगा जो सबके अधिकार को कर्तव्यों के साथ स्वीकार करता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केके तिवारी ने कहा कि मानव के ही जीवों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। गोष्ठी का संचालन डॉ. संतन कुमार
राम एवं डॉ. शिवकुमार ने संयुक्त रूप से किया। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के खेल मैदान में 92 यूपी बटालियन की एनसीसी के तत्वाधान में चल रहे चार दिवसीय एनसीसी ट्रेनिंग के अंतिम दिन कैडटों ने आपदा प्रबंधन, सामाजिक
सेवा मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर सभी कैडटों ने मानव के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का पूर्ण रूप से पालन एवं बिना किसी पक्षपात के मानवाधिकारों का सम्मान करने का शपथ लिया। इस अवसर पर एनसीसी अफिसर डॉ. डीआर सिंह, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।