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Ghazipur News: इंसान की पहचान व्यवहार से, बच्चों को दें अच्छी तालीम
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बारा। इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है। इसलिए इल्म का होना बेहद जरूरी है। बच्चों को अच्छी से अच्छी तालीम देनी चाहिए। ये बातें ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी के उर्स मुबारक के मौके पर बारा के मझली पट्टी मस्जिद में आयोजित हुए ख्वाजा गरीब नवाज कांफ्रेंस में मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी ने कहीं।
ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी शुक्रवार की रात बारा स्थित मझली पट्टी मस्जिद में देर शाम जलसे का आयोजन किया गया। यहां पहुंचे कई उलेमा इकराम ने लोगों को नसीहत दी। जलसे को संबोधित करते हुए दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा गौसिया के प्रिंसिपल मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी ने कहा कि इस्लाम धर्म को चलाने वाला कोई भी मुसलमान न तो मानवता को अपमानित करता है और न ही संसार में हिंसा या किसी अन्य बुराई को जन्म दे सकता है।
इसके अलावा मौलाना नूर मोहम्मद नूरी ने धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा, महिलाओं के सम्मान तथा युवाओं से प्रमाणित पुस्तकों के अध्ययन की नसीहत दी। समीर रजा, गुलाम सरवर, अफान रजा, इब्राहिम, शाहआलम ने ख्वाजा की शान में एक से बढ़कर एक नात प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन के समय मुल्क में शांति और सामाजिक समृद्धि के लिए खुदा की बारगाह में दुआ की गई।
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ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी शुक्रवार की रात बारा स्थित मझली पट्टी मस्जिद में देर शाम जलसे का आयोजन किया गया। यहां पहुंचे कई उलेमा इकराम ने लोगों को नसीहत दी। जलसे को संबोधित करते हुए दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा गौसिया के प्रिंसिपल मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी ने कहा कि इस्लाम धर्म को चलाने वाला कोई भी मुसलमान न तो मानवता को अपमानित करता है और न ही संसार में हिंसा या किसी अन्य बुराई को जन्म दे सकता है।
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इसके अलावा मौलाना नूर मोहम्मद नूरी ने धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा, महिलाओं के सम्मान तथा युवाओं से प्रमाणित पुस्तकों के अध्ययन की नसीहत दी। समीर रजा, गुलाम सरवर, अफान रजा, इब्राहिम, शाहआलम ने ख्वाजा की शान में एक से बढ़कर एक नात प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन के समय मुल्क में शांति और सामाजिक समृद्धि के लिए खुदा की बारगाह में दुआ की गई।
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