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इंसानियत के आंसू पोंछने की जरूरत : विभूति
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजीपुर
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:57 PM IST
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शहर के महाजन टोली स्थित एक पैलेस में रविवार को प्यामे इंसानियत फोरम के तत्वाधान में प्यामे इंसानियत कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी विभूति नारायण राय ने कहा कि आज इंसानियत सिसक रही है, उसके आंसू पोछने की जरूरत है।
कहा कि हमारा देश हमेशा संपूर्ण विश्व को प्रेम और भाई चारे का संदेश देता रहा है, लेकिन कुछ भ्रमित लोग मानवता की बांसुरी को तोड़कर देश में दहशत का माहौल पैदा करना चाहते हैं परंतु वह अपनी साजिश में सफल नहीं होंगे।
आल इंडिया प्यामे इंसानियत के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल हसनी नदवी ने कहा कि आज कुछ पथभ्रष्ट लोग समाज में अलगाव पैदा करके देश में फसाद फैलाना चाहते हैं लेकिन देश का इतिहास रहा है जब भी कुछ सिरफिरे लोगों ने धार्मिक उन्माद पैदा करना चाहा, तब मानवता के रक्षकों ने देश को बचाया है।
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इस पुण्य काम में देश के समस्त धर्म के लोगों ने समान रूप से भाग लिया है। कहा कि समाज के जो लोग भी अफवाह फैलाकर आपसी सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं उन्हें चिह्नित करके कठोर दंड दिया जाए, जिससे हिंदू-मुस्लिम भाई चारे पर किसी की खराब नजर न पड़े।
समकालीन सोच के संपादक डा. पीएन सिंह ने कहा कि सामाजिक भाईचारा ही देश को एकता के सूत्र में पिरो सकता है। उसे और अधिक मजबूती प्रदान कर सकता है। पीजी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. श्रीकांत पांडेय ने कहा कि विभिन्न धर्मों के लोगों से परस्पर संवाद से हिंदू-मुस्लिम आदि के बीच खोदी गई खाई को पाटा जा सकता है और संदेश दिया जा सकता है कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना।
वरिष्ठ समाजसेवी सीयाराम ओझा ने कहा कि कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा समाज को बांटने का कार्य किया जाता है। कार्यक्रम के संयोजक मौलाना अजीजुल हसन सिद्दीकी ने कहा कि प्यामे इंसानियत फोरम एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिसके माध्यम से नफरत की आग बुझाई जाती है।
इस अवसर पर मुख्तार कासमी, नसीम अब्बासी, आफताब सिद्दीकी, साकिब अब्बासी, फहद सिद्दीकी, शमीम अब्बासी, अब्दुल्लाह सिद्दीकी, असजद सिद्दीकी, कलाम नदवी, मनोज सिंह, गोपा, भानू, साजिद नदवी आदि मौजूद रहे। कांफ्रेंस की अध्यक्षता आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी और संचालन मौलाना सऊदुल हसन नदवी ने किया।
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कहा कि हमारा देश हमेशा संपूर्ण विश्व को प्रेम और भाई चारे का संदेश देता रहा है, लेकिन कुछ भ्रमित लोग मानवता की बांसुरी को तोड़कर देश में दहशत का माहौल पैदा करना चाहते हैं परंतु वह अपनी साजिश में सफल नहीं होंगे।
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आल इंडिया प्यामे इंसानियत के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल हसनी नदवी ने कहा कि आज कुछ पथभ्रष्ट लोग समाज में अलगाव पैदा करके देश में फसाद फैलाना चाहते हैं लेकिन देश का इतिहास रहा है जब भी कुछ सिरफिरे लोगों ने धार्मिक उन्माद पैदा करना चाहा, तब मानवता के रक्षकों ने देश को बचाया है।
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इस पुण्य काम में देश के समस्त धर्म के लोगों ने समान रूप से भाग लिया है। कहा कि समाज के जो लोग भी अफवाह फैलाकर आपसी सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं उन्हें चिह्नित करके कठोर दंड दिया जाए, जिससे हिंदू-मुस्लिम भाई चारे पर किसी की खराब नजर न पड़े।
समकालीन सोच के संपादक डा. पीएन सिंह ने कहा कि सामाजिक भाईचारा ही देश को एकता के सूत्र में पिरो सकता है। उसे और अधिक मजबूती प्रदान कर सकता है। पीजी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. श्रीकांत पांडेय ने कहा कि विभिन्न धर्मों के लोगों से परस्पर संवाद से हिंदू-मुस्लिम आदि के बीच खोदी गई खाई को पाटा जा सकता है और संदेश दिया जा सकता है कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना।
वरिष्ठ समाजसेवी सीयाराम ओझा ने कहा कि कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा समाज को बांटने का कार्य किया जाता है। कार्यक्रम के संयोजक मौलाना अजीजुल हसन सिद्दीकी ने कहा कि प्यामे इंसानियत फोरम एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिसके माध्यम से नफरत की आग बुझाई जाती है।
इस अवसर पर मुख्तार कासमी, नसीम अब्बासी, आफताब सिद्दीकी, साकिब अब्बासी, फहद सिद्दीकी, शमीम अब्बासी, अब्दुल्लाह सिद्दीकी, असजद सिद्दीकी, कलाम नदवी, मनोज सिंह, गोपा, भानू, साजिद नदवी आदि मौजूद रहे। कांफ्रेंस की अध्यक्षता आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी और संचालन मौलाना सऊदुल हसन नदवी ने किया।