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Ghazipur News: कब तक पेड़ पर टंगे रहेंगे साहब, अब तो आवास दिला दीजिए
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गाजीपुर। मनिहारी ब्लाक से 13 किमी दक्षिण दिशा में स्थित हरिहरपुर गांव में नौ वर्षों से किसी भी पात्र को प्रधानमंत्री आवास नहीं मिला। इन दिनों बारिश होने से झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे लोग विषधर से बचने के लिए पेड़ पर मचान बनाकर रहना शुरू कर दिए हैं। इसकी जानकारी होने पर समाजसेवी सिद्धार्थ राय ने इस गांव में गांधीवादी तरीके से संबंधित पात्रों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू कर दिया है। मचान में बैठकर संबंधित पात्र होर्डिंग्स लेकर विरोध भी कर रहे हैं, जिसपर लिखा है कि कब तक पेड़ पर टंगे रहेंगे साहब, अब तो आवास दिला दीजिए।
सरकार झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र माना है। लेकिन, चार हजार मतदाताओं वाले हरिहरपुर गांव में नौ वर्ष से इस योजना का लाभ किसी को नहीं मिला है। यहां 20 लोग योजना के तहत पात्र हैं। इनका आरोप है कि ब्लॉक से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक पर शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इन दिनों बारिश से कई पात्रों के झुग्गी-झोपड़ी रहने लायक नहीं रह गए हैं। कुछ के तो मिट्टी के बने कच्चे मकान हैं, जिसमें जहरीले जीव घुसने लगे हैं। संजय कुमार, सुनील कुमार, अवधेश कुमार, रामराज, जयप्रकाश, कृष्णा चौहान, राम आशीष यादव, भागवत बांसफोड़ आदि का कहना है कि नौ वर्षों से किसी को योजना का लाभ नहीं आया है। हालांकि शिकायत करने पर अधिकारी कहते हैं ये धनवानों का गांव है। जबकि हकीकत में यहां हर कोई संपन्न नहीं है। गांव के सल्टू राम और नारायण राम तो पेड़ पर झुग्गी-झोपड़ी छोड़कर पेड़ पर खाट और रस्सी के सहारे मचान बनाकर रह रहे हैं। इनका कहना है कि बगल में खेत हैं। यहां सर्प और बिच्छी निकलते रहते हैं। ऐसे में वे मचान बनाकर रहते हैं। संजय यादव कहते हैं कि गांव में कई पात्र हैं। वे कहते हैं कि सत्येंद्र राम निराश्रित हैं। उनके पास रहने के लिए जगह नहीं हैं। वे उनकी मशीन के पास दिन काटते हैं। यही स्थिति स्वर्गीय कैलाश राम के चार बच्चों की भी है, जो किसी तरह की गांव के लोगों की मदद से जीवनयापन कर रहे हैं।
आवास प्लस पोर्टल से गायब है गांव का नाम : प्रधान
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र यादव ने बताया कि आवास प्लस के पोर्टल पर हरिहरपुर गांव का नाम ही नहीं है। नौ वर्ष से यह दिक्कत है। जबकि गांव में कई लोग पात्र हैं। मैंने ब्लॉक से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की। अधिकारी हर साल पोर्टल पर नाम चढ़वाने की बात करते हैं। एक दिन पहले भी ब्लॉक पर हुई बैठक में मैंने यह बात रखी, हमेशा की तरह जवाब मिला पोर्टल खुलने पर नाम चढ़वा दिया जाएगा। जबकि कई बार गांव में चौपाल भी लगी, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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नये सिरे से प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का सर्वे होने जा रहा है। इस गांव में भी सर्वे कराया जाएगा, जो भी पात्र होगा उन्हें योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।- संतोष कुमार वैश्य, सीडीओ
सत्याग्रह की चेतावनी
समाजसेवी सिद्धार्थ राय ने बताया कि पूरे गांव का भ्रमण किया हूं। घर-घर का फोटो लेकर एक बड़ी फाइल भी तैयार कर रहा हूं। गांव के लोगों के साथ डीएम से मिलूंगा। उन्हें यहां की समस्याओं को बताऊंगा। इसके बाद भी गांव के लोगों को आवास मिलना नहीं शुरू हुआ तब सत्याग्रह करूंगा। हालांकि, मैंने डीएम समेत संबंधित विभाग को ईमेल करके इस समस्या से अवगत करवा दिया है। साथ ही हम लोगों ने गांव के अंदर और बाहर स्लोगन लगे बोर्ड भी लगा दिए हैं, ताकि जिम्मेदारों को कुछ तो शर्मिदगी महसूस हो।
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सरकार झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र माना है। लेकिन, चार हजार मतदाताओं वाले हरिहरपुर गांव में नौ वर्ष से इस योजना का लाभ किसी को नहीं मिला है। यहां 20 लोग योजना के तहत पात्र हैं। इनका आरोप है कि ब्लॉक से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक पर शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इन दिनों बारिश से कई पात्रों के झुग्गी-झोपड़ी रहने लायक नहीं रह गए हैं। कुछ के तो मिट्टी के बने कच्चे मकान हैं, जिसमें जहरीले जीव घुसने लगे हैं। संजय कुमार, सुनील कुमार, अवधेश कुमार, रामराज, जयप्रकाश, कृष्णा चौहान, राम आशीष यादव, भागवत बांसफोड़ आदि का कहना है कि नौ वर्षों से किसी को योजना का लाभ नहीं आया है। हालांकि शिकायत करने पर अधिकारी कहते हैं ये धनवानों का गांव है। जबकि हकीकत में यहां हर कोई संपन्न नहीं है। गांव के सल्टू राम और नारायण राम तो पेड़ पर झुग्गी-झोपड़ी छोड़कर पेड़ पर खाट और रस्सी के सहारे मचान बनाकर रह रहे हैं। इनका कहना है कि बगल में खेत हैं। यहां सर्प और बिच्छी निकलते रहते हैं। ऐसे में वे मचान बनाकर रहते हैं। संजय यादव कहते हैं कि गांव में कई पात्र हैं। वे कहते हैं कि सत्येंद्र राम निराश्रित हैं। उनके पास रहने के लिए जगह नहीं हैं। वे उनकी मशीन के पास दिन काटते हैं। यही स्थिति स्वर्गीय कैलाश राम के चार बच्चों की भी है, जो किसी तरह की गांव के लोगों की मदद से जीवनयापन कर रहे हैं।
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आवास प्लस पोर्टल से गायब है गांव का नाम : प्रधान
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र यादव ने बताया कि आवास प्लस के पोर्टल पर हरिहरपुर गांव का नाम ही नहीं है। नौ वर्ष से यह दिक्कत है। जबकि गांव में कई लोग पात्र हैं। मैंने ब्लॉक से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की। अधिकारी हर साल पोर्टल पर नाम चढ़वाने की बात करते हैं। एक दिन पहले भी ब्लॉक पर हुई बैठक में मैंने यह बात रखी, हमेशा की तरह जवाब मिला पोर्टल खुलने पर नाम चढ़वा दिया जाएगा। जबकि कई बार गांव में चौपाल भी लगी, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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नये सिरे से प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का सर्वे होने जा रहा है। इस गांव में भी सर्वे कराया जाएगा, जो भी पात्र होगा उन्हें योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।- संतोष कुमार वैश्य, सीडीओ
सत्याग्रह की चेतावनी
समाजसेवी सिद्धार्थ राय ने बताया कि पूरे गांव का भ्रमण किया हूं। घर-घर का फोटो लेकर एक बड़ी फाइल भी तैयार कर रहा हूं। गांव के लोगों के साथ डीएम से मिलूंगा। उन्हें यहां की समस्याओं को बताऊंगा। इसके बाद भी गांव के लोगों को आवास मिलना नहीं शुरू हुआ तब सत्याग्रह करूंगा। हालांकि, मैंने डीएम समेत संबंधित विभाग को ईमेल करके इस समस्या से अवगत करवा दिया है। साथ ही हम लोगों ने गांव के अंदर और बाहर स्लोगन लगे बोर्ड भी लगा दिए हैं, ताकि जिम्मेदारों को कुछ तो शर्मिदगी महसूस हो।