{"_id":"645d36401bf404139303aa16","slug":"heat-made-him-restless-the-market-remained-restless-throughout-the-day-ghazipur-news-c-20-1-198995-2023-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: जेठ की गर्मी ने किया बेचैन, दिन भर बाजार रह रहे बेरौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: जेठ की गर्मी ने किया बेचैन, दिन भर बाजार रह रहे बेरौनक
विज्ञापन
लोगों पर अब सितम ढा रही है मौसम की तल्खी
भीषण गर्मी में पानी के लिए भटक रहे वन्य प्राणी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। भीषण गर्मी की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम की तल्खी अब लोगों को बेचैन कर रही है। तेज धूप एवं गर्म हवा से दिन में बाजारों की रौनक गायब हो जा रही है। मई के पहले पखवारे में गरमी के तेवर देख जून में पड़ने वाली गरमी को लेकर अभी से ही चिंतित हैं। उधर भू-जलस्तर नीचे खिसकने से ताल-तलैया सूखने की वजह से पानी के अभाव में वन्य प्राणियों को इधर-उधर भटकना लाचारी बन गई है। पानी की कमी होने से वह उसकी तलाश में भटकते हुए गांव तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में इनके शिकार होने का खतरा बना रहता है।
बीते कई दिनों से मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। सुबह आठ बजे के बाद से ही तेज धूप का जो सिलसिला शुरू हो रहा है वह शाम पांच बजे तक बना रह रहा है। दिन पर दिन तापमान बढ़ रहा है। इसके चलते दोपहर में बाजारों की रौनक गायब हो जा रही है। घर से बाहर वही लोग दिखाई दे रहे हैं जिन्हें कोई जरूरी काम है।
सुबह और शाम को बाजारों में भीड़ दिखाई दे रही है। दोपहर में तेज धूप के साथ ही गर्म हवा लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है बृहस्पतिवार को अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस रहा। लोग गरमी से राहत पाने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं। उधर चढ़ते पारा के चलते जंगलों में रहने वाले नीलगाय, हिरण सहित अन्य जंगली जानवर जंगलों से भागकर मैदानी इलाकों की ओर आ रहे हैं। वजह गर्मी के दिनों में जानवरों के पीने के लिए कोई भी प्रबंध प्रशासन की तरफ से नहीं किया गया है।
विज्ञापन
बारा संवाददाता के अनुसार, सेवराई तहसील क्षेत्र के बारा, भतौरा, मनिहर वन, सायर, राजमल बांध, देवल, अमौरा, करहिया, नवली, उतरौली, रेवतीपुर एवं नगदीलपुर बांड़ इलाके में नीलगाय एवं हिरण सहित अन्य जंगली जानवर विचरण कर रहे हैं। ये जानवर विचरण करते-करते सड़क पर भी आ जा रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटना की आशंका भी बढ़ती जा रही है।
खेतों में लगी सब्जी एवं तरबूज की फसल की रखवाली करने के लिए किसान पहरेदारी कर रहे हैं। इलाके के सभी ताल-तलैया सूखने से आम जन-जीवन के साथ-साथ वन्य प्राणियों की स्थिति खराब हो गई है। प्यास बुझाने के लिए ये वन्य प्राणी पूरे इलाके में दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। पिछले तीन-चार वर्षो से यह समस्या बनी हुई है।
पीजी कालेज के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि-मौसम वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त आगामी पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेंटीग्रेड एवं न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है।
इनसेट
जल संरक्षण योजना पर उठने लगे सवाल
बारा। केंद्र तथा राज्य सरकार की तरफ से विभिन्न प्रायोजित कार्यक्रमों के जरिए जल संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसी संदर्भ में मनरेगा योजना के तहत नहर एवं तालाबों की खुदाई सहित जल संरक्षण के लिए कार्य किए जाते हैं लेकिन, तहसील इलाके में इन नहर एवं तालाबों में पानी न के बराबर है। नतीजा आम लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का हाल बेहाल है।
विज्ञापन
भीषण गर्मी में पानी के लिए भटक रहे वन्य प्राणी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। भीषण गर्मी की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम की तल्खी अब लोगों को बेचैन कर रही है। तेज धूप एवं गर्म हवा से दिन में बाजारों की रौनक गायब हो जा रही है। मई के पहले पखवारे में गरमी के तेवर देख जून में पड़ने वाली गरमी को लेकर अभी से ही चिंतित हैं। उधर भू-जलस्तर नीचे खिसकने से ताल-तलैया सूखने की वजह से पानी के अभाव में वन्य प्राणियों को इधर-उधर भटकना लाचारी बन गई है। पानी की कमी होने से वह उसकी तलाश में भटकते हुए गांव तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में इनके शिकार होने का खतरा बना रहता है।
बीते कई दिनों से मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। सुबह आठ बजे के बाद से ही तेज धूप का जो सिलसिला शुरू हो रहा है वह शाम पांच बजे तक बना रह रहा है। दिन पर दिन तापमान बढ़ रहा है। इसके चलते दोपहर में बाजारों की रौनक गायब हो जा रही है। घर से बाहर वही लोग दिखाई दे रहे हैं जिन्हें कोई जरूरी काम है।
विज्ञापन
सुबह और शाम को बाजारों में भीड़ दिखाई दे रही है। दोपहर में तेज धूप के साथ ही गर्म हवा लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है बृहस्पतिवार को अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस रहा। लोग गरमी से राहत पाने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं। उधर चढ़ते पारा के चलते जंगलों में रहने वाले नीलगाय, हिरण सहित अन्य जंगली जानवर जंगलों से भागकर मैदानी इलाकों की ओर आ रहे हैं। वजह गर्मी के दिनों में जानवरों के पीने के लिए कोई भी प्रबंध प्रशासन की तरफ से नहीं किया गया है।
विज्ञापन
बारा संवाददाता के अनुसार, सेवराई तहसील क्षेत्र के बारा, भतौरा, मनिहर वन, सायर, राजमल बांध, देवल, अमौरा, करहिया, नवली, उतरौली, रेवतीपुर एवं नगदीलपुर बांड़ इलाके में नीलगाय एवं हिरण सहित अन्य जंगली जानवर विचरण कर रहे हैं। ये जानवर विचरण करते-करते सड़क पर भी आ जा रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटना की आशंका भी बढ़ती जा रही है।
खेतों में लगी सब्जी एवं तरबूज की फसल की रखवाली करने के लिए किसान पहरेदारी कर रहे हैं। इलाके के सभी ताल-तलैया सूखने से आम जन-जीवन के साथ-साथ वन्य प्राणियों की स्थिति खराब हो गई है। प्यास बुझाने के लिए ये वन्य प्राणी पूरे इलाके में दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। पिछले तीन-चार वर्षो से यह समस्या बनी हुई है।
पीजी कालेज के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि-मौसम वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त आगामी पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेंटीग्रेड एवं न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है।
इनसेट
जल संरक्षण योजना पर उठने लगे सवाल
बारा। केंद्र तथा राज्य सरकार की तरफ से विभिन्न प्रायोजित कार्यक्रमों के जरिए जल संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसी संदर्भ में मनरेगा योजना के तहत नहर एवं तालाबों की खुदाई सहित जल संरक्षण के लिए कार्य किए जाते हैं लेकिन, तहसील इलाके में इन नहर एवं तालाबों में पानी न के बराबर है। नतीजा आम लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का हाल बेहाल है।