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Ghazipur News: बाढ़ में डूबी मेहनत की कमाई, भविष्य का सवाल... कैसे चलेगी गृहस्थी की गाड़ी

Wed, 23 Jul 2025 11:07 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:07 PM IST
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Hard earned money drowned in flood, question of future... how will the household run
गाजीपुर। गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। यह तटवर्ती इलाकों के लिए राहत की बात है। लेकिन, उन किसानों की चिंता कम नहीं हुई है, जिनके खेत बाढ़ में पूरी तरह डूब गए हैं। फिलहाल जैसे-तैसे गुजारा हो रहा है। लेकिन, भविष्य में उनकी गृहस्थी की गाड़ी कैसे चलेगी, यह सवाल किसानों व उनके परिजनों को परेशान कर रहा है।
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22 जुलाई को शाम चार बजे 62.580 मीटर पर गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया था। बुधवार को सुबह 10 बजे घटाव दर्ज किया गया। प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से घटाव होने के कारण गंगा का जलस्तर 62.170 मीटर दर्ज किया गया। नगर में स्थित गंगा घाटों से अब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। भांवरकोल क्षेत्र के मुबारकपुर मौजा से गहमर सिवान तक हुए कटान में सात मंडा भूमि गंगा में समाहित हो गई।
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जनपद में 270 बीघा से अधिक खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे 360 किसान प्रभावित हुए। सबसे अधिक नुकसान सब्जी व चरी की फसल को हुआ। गोमती के कारण भी 50 बीघा खेती बाढ़ से बर्बाद हो गई।
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गहमर : रेवतीपुर क्षेत्र के हसनपुरा, वीरऊपुर, नसीरपुर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों में ज्यादातर किसानों ने रेहन पर खेत लेकर परवल की खेती की थी। इसके एवज में प्रति बीघा 20 हजार रुपये भुगतान किया था। इसके बाद प्रति बीघा फसल की तैयारी में 50 हजार रुपये का खर्च आया। इस तरह प्रति बीघा लागत 70 हजार रुपये आई।
बाढ़ नहीं आई होती तो प्रति बीघा चार से पांच लाख रुपये किसानों की आय होती। सबसे अधिक दिक्कत उन किसानों को है, जिनकी पूरी खेती डूब गई। रेहन के रुपये व लागत का खर्च भी नहीं निकल पाने के कारण ऐसे किसान कर्जदार हो जाएंगे। परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह चिंता सता रही है। बाढ़ क्षेत्र में वर्षभर में केवल एक फसल होती है।

जमानिया : गंगा के किनारे बसे गांवों में खेतों में पानी भर जाने से सैकड़ों बीघा फसलें और पशुओं का चारा डूब गया है। कई किसान खेतों से डूबी हुई सब्जियों को निकालने में जुटे रहे, ताकि कुछ नुकसान की भरपाई हो सके। तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कर्मचारियों को चेतावनी दी कि कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिला तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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