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Ghazipur News: हाथ से बना सिंहोरा भाए, बनारसी पगड़ी खूब लुभाए

Tue, 09 May 2023 06:58 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2023 06:58 PM IST
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Hand made Sinhora first choice, Banarasi turban fascinates a lot
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शहर में सजी मउर सिंहोरा और टोपी की दुकानें, लगन से बाजार में रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। लगन शुरू होते ही बाजार में मौर, सिंहोरा, पगड़ी की बिक्री बढ़ गई है। वैवाहिक कार्यक्रम में पहले दूल्हे के सिर पर मालियों के हाथों से बने सेहरे और मउर का प्रयोग होता था। लेकिन जैसे-जैसे लोगों पर आधुनिकता सवार हुई वैसे-वैसे मउर भी अपना स्वरूप बदलने लगा। अब आकर्षक मउर, पगड़ी एवं टोपी प्रचलन में आ गई है।
शादियों का शुभ मुहूर्त चल रहा है। ऐसे में दूल्हे के लिए सेहरा, मुकुट और मउर की जरूरत पड़ती है, जिससे वह पारंपरिक ढंग से रस्मों को निभा सके। बाजार में जगह-जगह पगड़ी एवं टोपी की दुकानें सजीं हैं, जिस पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रह रही है। दुकानदार रिशु गुप्ता, संजय, रितिक गुप्ता, धर्मेंद्र आदि ने बताया कि पहले मउर की अच्छी बिक्री होती थी अब मउर के साथ-साथ पगड़ी एवं टोपी की मांग अच्छी हो रही है।
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दुकानदारों ने बताया कि दो सौ से लेकर 1500 रुपये तक के मउर और 2200 में जीरा मउर मिल रहा है। वहीं 100 रुपये से पांच सौ रुपये तक दूल्हे की पगड़ी और स्टोन वाली पगड़ी 1500 रुपये में बिक रही है। शहर के स्टीमर घाट के दुकानदारों का कहना है कि मई में शादी विवाह का कार्यक्रम उतना नहीं है, जून में लगन ज्यादा है।
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शादियों में बनारसी पगड़ी एवं सिंहोरा की मांग ज्यादा रहती है। पहले ही सामान मंगा लिया है। मंगलवार को भी पूरे दिन लालदरवाजा, पंचरस्ता, टाउन हाल, स्टीमर पाट के बाजार गुलजार रहे। शादी-ब्याह के सामानों के दुकानों पर लोग सामान की खरीदारी करते दिखे।
दुकानदारों का कहना है कि बनारस और पटना से दूल्हा-दुल्हन को सजाने वाली सामग्रियां मंगाते हैं। स्थानीय स्तर पर सजाने का काम भी किया जा रहा है। पटना और बनारस के सिंहोरा के प्रचलन को लेकर दुकानदारों ने बताया कि यहां सिंहोरा को मशीन द्वारा तैयार किया जाता है।

वहीं बिहार के डुमरांव का सिंहोरा हाथ से निर्मित होता है। दोनों की खासियत और बनावट में अंतर होने से इनकी मांग भी अलग-अलग है। हालांकि हाथ से बने सिंहोरा की मांग सबसे अधिक है। ऐसे ही दूल्हे की पगड़ी पर सजावट और कारीगरी का काम स्थानीय स्तर पर किया जाता है।
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