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घटतौली से कट रही ग्राहकों की जेब
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:07 PM IST
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त्यौहारों के समय घटतौली के मामले बढ़ जाते हैं। दीपावली नजदीक है, दूकानदार घटतौली कर ग्राहकों की जेब पर डाका डालने का काम कर रहे हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर दूकानों की जांच की जाती है लेकिन इस पर रोक थाम नहीं लग पा रही है। विधिक माप विज्ञान (बाट-माप) विभाग की ओर से अक्टूबर माह में 200 दूकानों का निरीक्षण किया गया। घटतौली के मामले में 22 दूकानदारों का चलान काटने के साथ मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
दूकानदार घटतौली कर उपभोक्ताओं की जेब ढीली कर रहे हैं। इसके चलते सामान समय से पहले खत्म हो जाता है। सामानों की फिर से पूर्ति करने लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसके चलते ग्राहकों के घर का बजट गड़बड़ा जाता है। घटतौली का अधिकांश मामला सब्जी, राशन, पेट्रोल पंप और एलपीजी सिलेंडर में होता है। खासकर पेट्रोल पंपों पर इस तरह का खेल हमेशा ही जारी रहता है। बाट एवं माप विभाग ने शिकंजा कसा तो घटतौली के 200 मामले सामने आए। शहर की बड़ी बाजारों से लेकर गांवों की हाट में पहुंचने वाले उपभोक्ता लंबेे समय से इस खेल का शिकार हो रहे हैं। दूकानदार, इस खेल के जरिए उपभोक्ताओं की आंखों में धूल झोंक कर उनका आर्थिक गणित बिगाड़ रहे हैं। सब्जी, राशन, तेल, फल, दूध ऐसा कोई सामान नहीं, जिसमें घटतौली की कैंची न चल रही हो। घटतौली का शिकार ग्राहक इलेक्ट्रानिक्स कांटा से भी हो रहे हैं।
दूकानदार घटतौली कर उपभोक्ताओं की जेब ढीली कर रहे हैं। इसके चलते सामान समय से पहले खत्म हो जाता है। सामानों की फिर से पूर्ति करने लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसके चलते ग्राहकों के घर का बजट गड़बड़ा जाता है। घटतौली का अधिकांश मामला सब्जी, राशन, पेट्रोल पंप और एलपीजी सिलेंडर में होता है। खासकर पेट्रोल पंपों पर इस तरह का खेल हमेशा ही जारी रहता है। बाट एवं माप विभाग ने शिकंजा कसा तो घटतौली के 200 मामले सामने आए। शहर की बड़ी बाजारों से लेकर गांवों की हाट में पहुंचने वाले उपभोक्ता लंबेे समय से इस खेल का शिकार हो रहे हैं। दूकानदार, इस खेल के जरिए उपभोक्ताओं की आंखों में धूल झोंक कर उनका आर्थिक गणित बिगाड़ रहे हैं। सब्जी, राशन, तेल, फल, दूध ऐसा कोई सामान नहीं, जिसमें घटतौली की कैंची न चल रही हो। घटतौली का शिकार ग्राहक इलेक्ट्रानिक्स कांटा से भी हो रहे हैं।
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